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Friday, 26 May 2017

3 साल पूरे होने पर मोदी सरकार ने युवाओं को दिया तोहफा

3 साल पूरे होने पर मोदी सरकार ने युवाओं को दिया तोहफा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा सरकार के 3 साल पूरे होने पर देश के लिए नई निती की घोषणा की है। मोदी ने संपदा योजना स्कीम फॉर एग्रो मरीन प्रोसेसिंग ऐंड डिवेलपमेंट ऑफ एग्रो प्रोसेसिंग क्लस्टर्स को देश को समर्पित किया। इस स्‍कीम का लक्ष्‍य फूड प्रो‍सेसिंग सेक्‍टर को बढ़ावा देना और युवाओं के लिए रोजगार के मौके पैदा करना है। उन्होंने अपने संबोधन में बताया कि यह योजना ग्रामीण भारत में रोजगार और संपन्नता के लक्ष्य को पूरा करेगी। उन्होंने कहा कि आज किसानों को उनकी मेहनत का वाजिब हक नहीं मिलता है। कृषि उत्पादों को कम पैसा मिलता है।

पीएम ने कहा कि अगर हम आम बेचते हैं तो उसकी कम कीमत मिलती है पर आम का अचार महंगा बिकता है। इसी तरह टमाटर की कीमत कम होती है पर कैचअप महंगा मिलता है। उन्होंने कहा कि इस नई योजना में आने वाले प्रत्यक्ष विदेशी निवेश से क्लस्टर विकसित कर किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य दिलाया जाएगा। पीएम ने 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने के अपने पुराने वादे को दोहराते हुए एवरग्रीन रेवलूशन सदा काल, हरित कालका उद्घोष किया। उन्होंने कहा कि देश को अब दूसरी हरित क्रांति से आगे की बात करने की जरूरत है। पीएम ने अपनी सरकार के दौरान कृषि क्षेत्र को दी जा रहीं सुविधाओं का जिक्र भी किया

 

देश का सबसे लंबा पुल ढोला-सादिया

देश का सबसे लंबा पुल ढोला-सादिया 
प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच ब्रह्मपुत्र नदी पर तैयार ढोला-सादिया पुल का उद्घाटन किया.
रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण पुल का निर्माण कार्य देरी से पूरा हुआ, लेकिन ये अरुणाचल प्रदेश के साथ कनेक्टिविटी में मील का पत्थर साबित होगा.
चीन का दावा रहा है कि अरुणाचल प्रदेश उसका क्षेत्र है और उसे वो 'दक्षिणी तिब्बत' के तौर पर पुकारता

ढोला सादिया पुल की विशेषताएं
1- समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, इस पुल की लंबाई 9.15 किलोमीटर और चौड़ाई 12.9 मीटर है. हालांकि इसके दोनों ओर बने सम्पर्क सड़कों को मिलाकर इस परियोजना की कुल लंबाई 28.5 किलोमीटर है.
2- यह ब्रह्मपुत्र नदी से निकलने वाली लोहित नदी पर बना है जो असम के ढोला और अरुणाचल प्रदेश के सादिया को जोड़ता है.
3- पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के तहत बनने वाले इस पुल का निर्माण 2011 में शुरू किया गया जिस पर 2,056 करोड़ रुपये की लागत आई है. इसका निर्माण नवयुग इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड ने किया है.
4- मिनिस्ट्री शिपिंग के अनुसार, यह पुल पूर्वोत्तर के इलाके में कनेक्टिविटी की बड़ी समस्या को हल करेगा. अबतक दोनों तरफ को जोड़ने के लिए केवल नावों का सहारा था जो केवल दिन में चलती थीं और बाढ़ के समय आवागमन बंद हो जाता था.
5- इस पुल के बन जाने से असम के रुपाई में एनएच-37 और अरुणाचल प्रदेश के एनएच-52 के बीच की दूरी 165 किलोमीटर कम हो जाएगी, जबकि यात्रा का समय वर्तमान के छह घंटे की बजाय एक घंटे हो जाएगा.
6- मिनिस्ट्री के बयान के मुताबिक, इस पुल के बनने से प्रति दिन 10 लाख रुपए के पेट्रोल और डीज़ल की बचत होगी.
7- सरकार का कहना है कि अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों की रणनीतिक ज़रूरतों के लिहाज से भी यह पुल अहम है क्योंकि अरुणाचल प्रदेश में कई जलविद्युत परियोजनाएं चल रही हैं.
8- भूकंप को लेकर संवेदनशील पूर्वोत्तर इलाके को देखते हुए हर 50 मीटर पर बने कुल 182 पिलर को भूकंपरोधी बनाया गया है.
9- फ़ौज के एक इंजीनियर ने बीबीसी से कहा कि ढोला-सादिया पुल 60 टन वजन तक के टैंक का भार सह सकता है.
10- इस पुल को बनाने में इम्पोर्टेड हाइड्रोलिक का इस्तेमाल किया गया है. पुल के पूरा होने के लिए दिसम्बर 2015 की समय सीमा थी लेकिन देरी के कारण ये परियोजना 2017 में पूरी हो पाई.

बैठक में राष्ट्रपति चुनाव के लिए सर्वसम्मत उम्मीदवार के बारे में चर्चा नहीं हुई:ममता बनर्जी

 बैठक में राष्ट्रपति चुनाव के लिए सर्वसम्मत उम्मीदवार के बारे में चर्चा नहीं हुई:ममता बनर्जी
सोनिया गांधी द्वारा 17 दलों के लिए आयोजित दोपहर भोज में शमिल होने के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि भोज के समय तक बैठक में राष्ट्रपति चुनाव के लिए सर्वसम्मत उम्मीदवार के बारे में चर्चा नहीं हुई. साथ ही कहा कि यदि पार्टियों के बीच कोई सर्वसम्मति नहीं बनती है, तो राष्ट्रपति पद के चुनाव में उम्मीदवार के बारे में फैसला करने के लिए एक छोटी समिति गठित की जायेगी. ममता बनर्जी ने कहा कि सभी दलों ने कश्मीर और सहारनपुर में ‘‘भयावह' स्थिति की निंदा की.

राष्ट्रपति चुनाव को लेकर एनडीए के विपक्षी दलों की बैठक संसद भवन के कार्यालय हो रही है. बैठक में 17 राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधि शामिल हुए हैं. इस मीटिंग में कांग्रेस के अलावा आरजेडी, जेडीयू, एसपी, बीएसपी, टीएमसी, जेएमएम, केरल कांग्रेस, नेशनल कॉन्फ्रेंस, एनसीपी, डीएमके, एआईयूडीएफ, आरएसपी, ऑल इंडिया मुस्लिम लीग, सीपीएम, सीपीआई, जेडीएस शामिल हैं. इस बैठक में शामिल होने के लिए आम आदमी पार्टी को न्योता नहीं मिलने के कारण उसके प्रतिनिधि बैठक में शामिल नहीं हुए है.

जनता दल यूनाइटेड की ओर से पार्टी के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव इस बैठक में शामिल हुए हैं. वहीं, बिहार के मुख्यमंत्री व पार्टी अध्यक्ष नीतीश कुमार बैठक में शामिल नहीं हुए हैं. ऐसा कयास लगाया जा रहा है कि महागठबंधन बनाने की कवायद सफल नहीं हो पायेगी. बैठक में राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी, सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी समेत दूसरे वामदलों के नेता के साथ बीएसपी सुप्रीमो मायावती भी मौजूद हैं. राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी साफ कर चुके हैं कि उन्हें दूसरे कार्यकाल  में दिलचस्पी नहीं है.

सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता गाँव, गरीब और किसान

सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता गाँव, गरीब और किसान

जनसंपर्क, जल-संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने आज दतिया जिले के उदगवाँ में पं. दीनदयाल उपाध्याय कार्य विस्तार योजना तथा ग्राम सम्पर्क अभियान में आमजन से रू-ब-रू हुए। मंत्री डॉ. मिश्र ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के 27 हितग्राहियों को प्रमाण-पत्र और 47 हितग्राहियों को पेंशन स्वीकृति पत्र वितरित किए। जनसंपर्क मंत्री ने कहा कि गाँव, गरीब और किसान की चिंता प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इनकी भलाई के लिए हम निरंतर प्रयत्नशील रहेंगे।

जनसंपर्क मंत्री डॉ. मिश्र ने कहा कि गरीब के विकास तथा मानव सेवा की प्रेरणा हमें पं. दीनदयाल उपाध्याय से मिली। मंत्री डॉ. मिश्र ने कहा कि किसानों को 42 करोड़ की बीमा राहत राशि वितरित की गई है। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष श्री विक्रम सिंह बुन्देला सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

संकुल से संभाग-स्तर 15 जुलाई से 30 सितम्बर तक होगा "स्कूल ओलम्पियाड

संकुल से संभाग-स्तर 15 जुलाई से 30 सितम्बर तक होगा "स्कूल ओलम्पियाड

 

ग्रामीण अंचलों में छुपी खेल-प्रतिभाओं को सामने लाने के लिये संकुल से संभाग-स्तर तक 15 जुलाई से 30 सितम्बर के बीच 'स्कूल ओलम्पियाड'' होगा। राज्य-स्तर पर स्कूल ओलम्पियाड अक्टूबर-2017 में करवाया जायेगा। ओलम्पियाड में खो-खो, कबड्डी, शतरंज, व्हाली-बॉल, रोप-स्कीपिंग और एथेलेटिक्स प्रतियोगिताएँ होंगी। तकनीकी शिक्षा (स्वतंत्र प्रभार), श्रम एवं स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री श्री दीपक जोशी की अध्यक्षता में हुई मध्यप्रदेश शालेय खेलों के उन्नयन एवं प्रगति के लिये गठित तकनीकी सलाहकार समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया।
श्री जोशी ने कहा कि स्कूलों में भी वही खेल खिलाये जायें, जो नेशनल और इंटरनेशनल लेवल पर होते हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल ओलम्पियाड में तैराकी को भी जोड़ा जा सकता है। श्री जोशी ने कहा कि स्कूलों में स्पोर्ट कल्चर विकसित करने के हरसंभव प्रयास होने चाहिये। उन्होंने कहा कि व्यायाम शिक्षकों की सेवाएँ खेल प्रशिक्षण में भी ली जायें। विभिन्न विभाग से सेवानिवृत्त खेल प्रशिक्षकों को भी अतिथि शिक्षक के रूप में रखने पर विचार किया जाये।
श्री जोशी ने कहा कि संभाग और जिला-स्तर पर खेल समिति बनायें। समिति में स्थानीय खिलाड़ियों को रखा जाये। स्कूलों में खरीदी जाने वाली खेल सामग्री के लिये मानदण्ड निर्धारित किये जायें। उन्होंने कहा कि भोपाल की खेल अकादमी में पढ़ने वाले बच्चों के लिये सरकारी स्कूल में अलग से क्लास की व्यवस्था की जाये। राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक प्राप्त खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि देने के लिये राज्य-स्तरीय सम्मान समारोह किया जाये। खिलाड़ियों के दैनिक भत्ते और पदक प्राप्त खिलाड़ियों को दिये जाने वाली प्रोत्साहन राशि में बढ़ोत्तरी के संबंध में भी चर्चा की गयी।
प्रदेश को 264 मेडल
बैठक में सचिव स्कूल शिक्षा श्रीमती दीप्ति गौड़ मुखर्जी ने बताया कि वर्ष 2016-17 में 62वीं राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में प्रदेश को 264 मेडल प्राप्त हुए। देश की पदक-तालिका में मध्यप्रदेश को चौथा स्थान मिला। वर्ष 2017-18 के लिये खेल कैलेण्डर का प्रारूप तैयार किया गया है। इस वर्ष 22 खेल की राष्ट्रीय प्रतियोगिता करवाये जाने का प्रस्ताव है। बैठक में आयुक्त स्कूल शिक्षा श्री नीरज दुबे, संचालक श्रीमती अंजू भदौरिया एवं समिति के सदस्यों ने महत्वपूर्ण सुझाव दिये।

पौधरोपण की जानकारी जन-जन तक पहुँचायें

 पौधरोपण की जानकारी जन-जन तक पहुँचायें


 मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि जुलाई में होने वाले पौधरोपण कार्यक्रम की जानकारी जन-जन तक पहुँचाई जायें। उन्होंने जन अभियान परिषद के सदस्यों से कहा कि स्वयंसेवकों के पंजीयन के लिए अभियान स्तर पर कार्रवाई करें। श्री चौहान आज जन अभियान परिषद के राज्य कार्यालय में जिला, संभाग समन्वयकों एवं टॉस्क मैनेजर की बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार और खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री शिव चौबे भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वृक्षारोपण के लिये पंजीयन का कार्य युद्ध स्तर पर किया जाये। उसे व्यापक स्तर पर प्रसारित करने के लिये नियोजित तरीकों के साथ प्रयास किये जायें। संबंधित शासकीय विभागों के साथ भी समन्वय किया जायें। जन जुड़ जायेगा तो कार्य की सफलता सुनिश्चित है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण दिवस 5 जून से वृक्षारोपण के लिए लोगों को जोड़ने का अभियान शुरू होगा। इसके पूर्व सभी आवश्यक तैयारियाँ, धार्मिक, सामाजिक संगठनों, व्यक्तियों और जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय और सम्पर्क का कार्य किया जाये।
श्री चौहान ने नर्मदा सेवा यात्रा के दौरान संगठन की संकल्पबद्धता, परिश्रम और समर्पण की प्रशंसा की तथा कहा कि संगठन की देश में अलग पहचान बनी है। उन्होंने कहा कि सेवा यात्रा के बाद पर्यावरण जनचेतना के वातावरण को बनाए रखना जरूरी है। घाटों की देख-रेख, स्वच्छता और पूजन संबंधी जिम्मेदारियों में नर्मदा सेवा समिति के सदस्यों की सक्रियता बनी रहनी चाहिए। उन्होंने नई प्रस्फुटन समितियों के गठन की आवश्यकता बताई। नवांकुर समितियों की क्रियाशीलता को बढ़ाने को कहा। उन्होंने आदि गुरूशंकराचार्य की प्रतिमा के लिए धातु संग्रहण अभियान के विषय में बताते हुये कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य आदिगुरू और उनके दर्शन को गांव-गांव, घर-घर पहुँचाना है। इस संबंध में आचार्य सभा के साथ समन्वय कर कार्ययोजना निर्माण में सहयोग करने की अपेक्षा की।

रोजगारमुखी सरकार मोदी सरकार : राजो मालवीय