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Saturday, 16 December 2017

1 फरवरी, 2018 से होगा अंतर-राज्‍यीय ई-वे बिल अनिवार्य



1 फरवरी, 2018 से होगा अंतर-राज्‍यीय ई-वे बिल अनिवार्य 


नई दिल्ली केन्‍द्रीय वित्‍त और कंपनी कार्यमंत्री अरुण जेटली की अध्‍यक्षता में जीएसटी परिषद की 24वीं बैठक आज वीडियो कांफ्रेंसिंग के ज़रिए संपन्‍न हुई। इसमें देश में ई वे बिल प्रणाली लागू करने के बारे में विचार किया गया। राष्‍ट्रीय ई वे बिल प्रणाली तैयार होने तक राज्‍यों को अधिकृत किया गया। वे स्‍वयं की पृथक ई वे बिल प्रणालियां इस्‍तेमाल करते रहें। परन्‍तु, व्‍यापार और परिवहन के प्रतिनिधियों ने कहा कि इससे सामान की अंतर-राज्‍यीय ढुलाई में अनावश्‍यक कठिनाइयां आती हैं। अखिल भारतीय ई-वे बिल प्रणाली शीघ्र लागू करना अत्‍यन्‍त आवश्‍यक है। जीएसटी परिषद ने आज अखिल भारतीय ई-वे बिल प्रणाली शीघ्र लागू करने के लिए अपेक्षित हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर तैयार करने के काम की प्रगति की समीक्षा की।
-राज्‍यों के साथ विचार विमर्श के बाद निम्‍नांकित निर्णय किए गए-
i) राष्‍ट्रीय ई-वे प्रणाली ट्रायल के आधार पर चालू करने के लिए 16 जनवरी, 2018 तक तैयार हो जायेगी। व्‍यापार और परिवहन जगत इस प्रणाली को स्‍वैच्छिक रूप से 16 जनवरी, 2018 से अपना सकेंगे।
ii) यह निर्णय किया गया कि 1 फरवरी, 2018 से अंतर-राज्‍यीय ई-वे बिल अनिवार्य रूप से लागू करने के लिए अधिसूचित कर दी जायेगी। इससे राज्‍यों के बीच माल की ढुलाई बिना की रूकावट के सुचारू रूप से हो सकेगी।
iii) देश में पहली जून, 2018 से अंतर-राज्‍यीय और अंत: राज्‍यीय मूवमेंट के लिए एक समान ई-वे बिल प्रणाली लागू की जायेगी।

कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर राहुल गांधी की ताजपोशी



कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर राहुल गांधी की ताजपोशी
- सोनिया गांधी ने की नये अध्यक्ष की ताजपोशी
- पहले भाषण में भाजपा पर बोले राहुल- वो आग लगाते हैं, हम बुझाते हैं
- सोनिया बोलीं- मेरे बेटे ने व्यक्तिगत हमले झेले, इससे वह मजबूत बना
- रायबरेली से सोनिया की जगह प्रियंका के चुनाव लडऩे की खबर को प्रियंका ने किया खारिज, बोलीं- सोनिया ही लड़ेंगी चुनाव


नई दिल्ली । 132 वर्ष पुरानी कांग्रेस पार्टी को 19 साल बाद आखिरकार राहुल गांधी के रूप में युवा अध्यक्ष मिल गया। शनिवार को राहुल ने अध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया। 28 दिसंबर 1885 को गठित हुई कांग्रेस में राहुल 87वे अध्यक्ष बने हैं। वे गांधी परिवार 6 वें अध्यक्ष हैं। 19 साल तक अध्यक्ष रही सोनिया गांधी के नाम नया रिकॉर्ड जुड़ गया। वे अब तक की सबसे अधिक समय अध्यक्ष रहने वाली शख्स बन गईं। चुनाव प्राधिकरण के चेयरमैन और कांग्रेस नेता मुल्लापल्ली रामचंन्द्रन ने मंच पर पहुंच कर राहुल गांधी को सर्टिफिकेट सौंपा। राहुल 2013 में कांग्रेस महासचिव से उपाध्यक्ष बनाये गए थे।
अध्यक्ष के तौर पर पहले संबोधन में राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए भाजपा पर जोरदार हमला किया और कहा कि हम कांग्रेस को ग्रैंड ओल्ड व यंग पार्टी बनाने जा रहे हैं। राहुल बोले- कांग्रेस ने भारत को 21वीं सदी में पहुंचाया, लेकिन प्रधानमंत्री हमें पीछे ले जा रहे हैं। एक बार आग लगाने के बाद बुझाना मुश्किल है। बीजेपी के लोगों ने देश में आग लगाई है। वे आवाज को दबाते हैं लेकिन हम उन्हें बोलने का मौका देते हैं। वे हमारे उपर हमले करते हैं, लेकिन हम उनका सम्मांन करते हैं।
इंदिरा-राजीव का बलिदान व्यर्थ न जाए, इसलिए राजनीति में आई
निवृतमान अध्यक्ष सोनिया गांधी भावुक होकर बोलीं- मैं राजनीति में सिर्फ इसलिए आई क्योंकि नहीं चाहती थी कि राजीव गांधी और इंदिरा का बलियान व्यर्थ चला जाए। सोनिया ने कहा कि वह देश के प्रति कर्तव्यों को समझते हुए राजनीति में आई थीं और जब तक वह अध्यक्ष पद पर रहीं, सभी कार्यकर्ताओं ने उनका पूरा साथ दिया। उन्होंने कहा कि वह साम्प्रदायिक ताकतों को रोकने के लिए कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष बनी थीं।
राहुल के समक्ष यह चुनौती
सोनिया के दौर में यूपीए-1 और यूपीए-2 की सरकार बनाने में सोनिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। हालाकि सोनिया के 19 साल अध्यक्ष पद के कार्यकाल के दौरान कांग्रेस अपने निचले स्तर पर दो बार पहुंची। एक बार 1999 में जब कांग्रेस को 114 सीटें मिली थीं (उस वक्त तक यह कांग्रेस का सबसे निचला आंकड़ा था) और इसके बाद 2014 में जब कांग्रेस को केवल 44 सीटें ही मिल सकीं। कभी पूरे देश पर शासन करने वाली कांग्रेस अब केवल कर्नाटक, पंजाब और कुछ उत्तर-पूर्वी राज्यों में शासन करने तक सिमट गई है। अगले छह महीनों में कर्नाटक में चुनाव होने हैं और यह तय नहीं है कि कांग्रेस वहां सत्ता में वापसी कर पाएगी।

सांसद कमलनाथ ने फूंका चुनावी बिगुल, हाशिये मे है तामिया के पूर्व युवा नेता



सांसद कमलनाथ ने फूंका चुनावी बिगुल, हाशिये मे है तामिया के पूर्व युवा नेता
उम्मीदवारी को लेकर खिंच गयी है चिंता की लकीरे


मिशन 2018 की राजनितिक तैयारी शुरु हो गयी गुरुवार को चावलपानी अओर उससे पहले छिंदी क्षेत्र मे हुई चुनावी सभी मे जहा जिले के सांसद ने चुनावी बिगुल फूंककर प्रदेश की सरकार के खिलाफ जनमत जुटाने की मुहिम छेड दी है वही अब परिसीमन के बाद एक हुई जुन्नारदेव विधानसभा के दूसरे चुनाव मे कांग्रेस के कई प्रत्याशियो की चिंता बढ गई है चावलपानी की आमसभा मे मंच पर जिले के सांसद कमलनाथ के साथ पूर्व विधायक तेजीलाल का बैठना और मंच में चिंतामग्न सुनील उइके की तस्वीर के कई चुनावी उम्मीदवारी के मायने निकल रहे है | उल्लेखनीय है कि आजादी के बाद से अब तक पहले की जुन्नारदेव और दमुआ विधानसभा मे अधिकतर विधायक दमुआ और जुन्नारदेव के ही रहे लगभग एक लाख बीस हजार की आबादी वाले आदीवासी बहुल तामिया विकासखंड मे आज तक किसी भी आदीवासी नेता को विधानसभा चुनाव मे मौका मिला तामिया से कोई नही रहा तामिया क्षेत्र मे कुल 103 मतदान केंद्र है जिसमे  जुन्नारदेव 122 विधानसभा क्षेत्र में 64 तथा अमरवाडा 123 विधानसभा क्षेत्र में 39 मतदान केंद्र है तामिया के 53 ग्राम पंचायत के 199 ग्रामो मे भले ही कुछ गाव वीरान है लेकिन चुनावी वोटो के लिहाज से दुर्गम भौगोलिक क्षेत्र के तामिया का जुन्नारदेव विधानसभा मे अहम किसी भी प्रत्याशी के लिये अहम योगदान रहता है |

'सेनाएँ सक्षम और हम सुरक्षित' यह जन-विश्वास कायम रखे-श्री हस्तीमल जी



विजय दिवस सेनाओं के शौर्य और पराक्रम की वीरगाथा है
'सेनाएँ सक्षम और हम सुरक्षित' यह जन-विश्वास कायम रखे-श्री हस्तीमल जी 


भारतीय सेनाओं के शौर्य और पराक्रम की वीरगाथा को आज विजय दिवस के रूप में मनाया गया। जिला सैनिक बोर्ड और भोपाल एक्स सर्विसेस लीग ने संयुक्त रूप से विजय दिवस का आयोजन स्थानीय सैनिक विश्रामगृह में किया। कार्यक्रम का प्रारम्भ इस युद्ध के सहभागी पूर्व सैनिक के सम्मान से हुआ।
उल्लेखनीय है कि 3 दिसम्बर से प्रारम्भ भारत-पाक युद्ध में 13 दिन बाद 16 दिसम्बर, 1971 को भारत ने विजय प्राप्त की थी। भारतीय सेना के ले. जनरल जे.एस. अरोरा के समक्ष पाक के ले. जनरल ए.ए.के. नियाजी ने अपने करीब 93 हजार सैनिकों के साथ आत्म-समर्पण किया था। इस युद्ध में अदम्य साहस और अद्भुत पराक्रम के लिए भोपाल निवासी ब्रिगेडियर के.पी. पाण्डे को महावीर चक्र और एयर वाईस मार्शन ए.व्ही. पेठिया को वीरचक्र प्रदान किया गया था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री हस्तीमल जी ने कहा कि हमारे देश और देशवासियों की सुरक्षा तीनों सेनाओं पर है। 'सेनायें सक्षम और हम सुरक्षित'' यह जन-विश्वास सदैव कायम रखें। उन्होंने कहा कि खतरा बाहरी हो या आन्तरिक, हर मौके पर सेनायें पूरी मुस्तैदी से अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि हर भारतीय नागरिक को चाहिए कि अपनी सेनाओं और सैनिकों के प्रति अपनत्व तथा सम्मान का भाव रखें। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
इस अवसर पर राज्य बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष श्री राघवेन्द्र शर्मा, मेजर जनरल एस.आर. सिन्हो, एयर वाईज मार्शल ए.व्ही. पेठिया, वीर चक्र मेजर जनरल अशोक कुमार, मेजर जनरल अशोक कुमार, मेजर जनरल पी.एस. कोन्डल, ब्रिगेडियर आर.एस. नौटियाल संचालक संचालनालय सैनिक कल्याण मध्यप्रदेश, ब्रिगेडियर आर. विनायक वीएसम, कर्नल एस. कुमार, कर्नल एस.सी. दीक्षित, कर्नल आर.के. बाबा, ब्रिगेडियर सिद्धिकी, कर्नल यशवंत कु सिंह जिला सैनिक कल्याण अधिकारी, कार्यालय के कर्मचारी एवं मीडियाकर्मी के अलावा अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।