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Tuesday, 18 July 2017

5 स्टार होटल में नहीं लगेगा GST, बस पूरी करनी होगी यह शर्त

5 स्टार होटल में नहीं लगेगा GST, बस पूरी करनी होगी यह शर्त

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) तो एक जुलाई से देशभर में लागू हो चुका है, लेकिन लोगों और व्यापारियों के बीच अब भी कई चीजों पर लगने वाली जीएसटी की दर को लेकर असमंजस है। ऐसे में सरकार ने स्पष्ट किया है 5 स्टार होटल या किसी भी रेटिंग का होटल, जहां पर एक दिन के ठहरने का किराया 7500 रुपये से कम है पर 18 फीसद की दर से जीएसटी लगेगा। सेंट्रल बोर्ड ऑफ एक्साइज एंड कस्टम ने मंगलवार को स्पष्टीकरण जारी किया है कि लग्जरी होटल और 5 स्टार होटल पर जीएसटी की उच्चतम दर 28 फीसद की होगी।

एक आधिकारिक स्टेटमेंट में सीबीईसी ने बताया है कि होटल पर जीएसटी की दर का होटल की स्टार रेटिंग से कोई संबंध नहीं है। एक जुलाई को जब देश में नई व्यवस्था को लागू किया गया तब 1000 रुपये से कम के किराए वाले होटल पर जीरो जीएसटी, 2500 रुपये से कम के किराए वाले पर 12 फीसद और 2500 रुपये से 7500 रुपये के बीच के किराये वाले होटल पर 18 फीसद जीएसटी की दर तय की गई थी। इसक तहत जो उच्चतम दर है (28 फीसद) वो केवल लग्जरी होटल्स के लिए है। मंगलवार को दिए गए स्पष्टीकरण के तहत इन लग्जरी होटल्स में 7500 रुपये से ज्यादा किराये वाले होटल शामिल है।

हालांकि ग्राहकों को डिक्लेयर्ड टैरिफ का ध्यान रखना पड़ेगा। इसका मतलब है कि किसी होटल के रेट पर दिए किराये पर जीएसटी लगेगा। इसमें किसी भी थर्ड पार्टी बुकिंग एप्स या ट्रैवल एजेंट्स की ओर से दिए गए डिस्काउंट या डील को टैरिफ नहीं माना जाएगा।

उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाए जाते ही भावुक हो गए थे वेंकैया नायडू

उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाए जाते ही भावुक हो गए थे वेंकैया नायडू
 वेंकैया नायडू को कल बीजेपी ने संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद उपराष्ट्रपति पद का प्रत्याशी घोषित किया था. उनके नाम का प्रस्ताव केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने रखा था. पूरे बोर्ड ने उनके नाम पर मुहर लगाई. अपनी मां जैसी पार्टी छोड़ने के दुख से वेंकैया नायडू भावुक हो गए थे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में खूब रोए थे.

पार्टी से जुड़े सूत्रों ने बताया, "वह भावुक हो गए. उन्होंने कहा कि पार्टी मेरी मां की तरह है. इतने वर्षों की सेवा करने के बाद मेरे लिए पार्टी को छोड़ पाना बहुत मुश्किल होगा." जैसे ही रुआंसे हुए, अरुण जेटली जैसे पार्टी के वरिष्ठ नेता उनके पास गए और उन्हें सांत्वना दी. अंतत: नायडू ने पार्टी के निर्णय को स्वीकार कर लिया.

सूत्रों ने बताया कि वह एक सप्ताह पहले बीजेपी अध्यक्ष से मिले थे और उपराष्ट्रपति पद की लिए चुनाव लड़ने की अनिच्छा जाहिर की थी. उन्होंने शाह से कहा था कि वह पीएम मोदी के साथ 2019 तक काम करना चाहते हैं और फिर वह राजनीति से सन्यास ले लेंगे. शाह ने उनसे कहा कि था वह पार्टी और आरएसएस की पहली पसंद हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने भी अंत में नायडू को मनाया. आज सुबह जब नायडू ने नामांकन दाखिल किया तो उनके साथ प्रधानमंत्री मोदी के अलावा कई मंत्री मौजूद थे.

राज्यसभा से इस्तीफा साबित हो सकता है माया का मास्टरस्ट्रोक

राज्यसभा से इस्तीफा साबित हो सकता है माया का मास्टरस्ट्रोक

 अगर मैं अपने कमजोर वर्ग की बात सदन में नहीं रख सकती तो मुझे सदन में रहने का अधिकार नहीं है।' यह बात बसपा सुप्रीमो मायावती ने मंगलवार को राज्यसभा में कही। बता दें कि संसद का मानसून सत्र सोमवार को ही शुरू हुआ था और आज संसद का पहला कार्यदिवस है। मायावती ने कहा- उन्हें सदन में बोलने नहीं दिया जा रहा है, इसलिए राज्यसभा में बने रहने का सवाल नहीं है और इसके बाद शाम होते होते सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।

मंगलवार को मायावती ने सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सहारनपुर व उत्तर प्रदेश में दलितों के खिलाफ हिंसा का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, सहारनपुर में साजिश के तहत हिंसा हुई। उत्तर प्रदेश में दलितों पर अत्याचार हो रहा है। मायावती ने इस मुद्दे पर राज्‍यसभा से वॉकआउट किया और कांग्रेस ने इस काम में उनका साथ दिया। उधर भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने मायावती के इस कृत्य को साल की शुरुआत में हुए यूपी विधानसभा चुनाव में मिली हार की हताशा करार दिया। उन्होंने तो यहां तक कहा कि इस्तीफे की धमकी देकर उन्होंने चेयरमैन का अपमान किया और उन्हें इसके लिए माफी मांगनी चाहिए।

अब इस्तीफा देने के बाद बड़ा सवाल ये है कि उनके लिए आगे का रास्ता क्या है? बता दें कि राज्यसभा में उनका कार्यकाल 2 अप्रैल 2018 तक है। यूपी में उनकी पार्टी के पास सिर्फ 19 सीटें हैं, इसलिए वह 2018 में भी दोबारा चुनकर राज्यसभा नहीं पहुंच सकतीं। वॉकआउट में मायावती का साथ देने वाली कांग्रेस ने अगर उन्हें समर्थन दिया तभी वह अगले साल उच्च सदन में पहुंच पाएंगी। लोकसभा में पार्टी का सूपड़ा साफ पहले ही हो चुका है। ऐसे में इस्तीफे के बाद उनके पास उत्तर प्रदेश में पार्टी के पुराने जनाधार को एक बार फिर से अपने पक्ष में लाने का ही काम रह जाएगा। ऐसे में वह 2019 लोकसभा और 2022 विधानसभा चुनाव के लिए अच्छे से तैयारी कर सकती हैं।

बिहार कैबिनेट की बैठक के बाद नीतीश से मिले तेजस्वी

बिहार कैबिनेट की बैठक के बाद नीतीश से मिले तेजस्वी

बिहार में जारी सियासी घमासान के बीच आज शाम मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक संपन्न हुई. कैबिनेट की इस बैठक में उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव भी शामिल हुए. तेजस्वी के साथ ही तेज प्रताप और राजद कोटे से अन्य मंत्री भी कैबिनेट की बैठक में शामिल हुए. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बैठक के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने मुलाकात की. इस दौरान बंद कमरे में दोनों नेताओं के बीच करीब 40 मिनट तक बातचीत हुई. हालांकि दोनों के बीच क्या बातचीत हुई, इसकी जानकारी अभी नहीं मिल पायी है.

जानकारी के मुताबिक नीतीश कुमार के चैंबर में तेजस्वी के अलावा तेज प्रताप यादव और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सह मंत्री अशोक चौधरी भी मौजूद थे. हालांकि, थोड़ी देर के बाद तेज प्रताप कमरे से बाहर निकल गए. सचिवालय के बाहर तेज प्रताप के साथ राजद कोटे के कई मंत्री भी दिखे. वहीं, आज संपन्न कैबिनेट की बैठक में कुल 17 एजेंडों पर मुहर लगायी गयी है.

इससे पहले इस बैठक को महागठबंधन के भविष्य को लेकर उठ रहे सवालों को लेकर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा था. खासकर इस बैठक में तेजस्वी यादव के शामिल होने को लेकर सबकी नजरें टिकी हुई थी. गौर हो कि पिछले दिनों एक सरकारी कार्यक्रम में जिस तरह से पहले तेजस्वी की नेमप्लेट वाली कुर्सी को पहले ढंका गया था और बाद में तेजस्वी उस कार्यक्रम में आये ही नहीं थे. उसके बाद ये माना जाना जाने लगा था कि नीतीश-तेजस्वी एक दूसरे से दूरी बनाने लगे हैं.

घटना के चार दिनों बाद आज फिर से वही सवाल खड़े होने लगे. तेजस्वी यादव को लेकर नीतीश कुमार और लालू यादव में अभी संवादहीनता के हालात बने हुए हैं. जिसको लेकर कांग्रेस लगातार बीच बचाव की कोशिश में लगी हुई है. कांग्रेस इस प्रयास में जुटी है कि महागठबंधन में शामिल प्रमुख दल राजद और जदयू में तेजस्वी के मुद्दे पर बातचीत हो. ऐसे में आज होने वाली कैबिनेट की मीटिंग को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा था.

आजीविका मिशन की सहायता से मिला प्रशिक्षण और मशीनें

आजीविका मिशन की सहायता से मिला प्रशिक्षण और मशीनें  

आजीविका मिशन के स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिला सदस्यों द्वारा अगरबत्ती का उत्पादन किया जा रहा है। घर बैठे किये जाने वाला यह काम उनकी अतिरिक्त आय का जरिया बन गया है। आजीविका गतिविधियों से जुड़कर महिलायें आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं।

राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा स्व-सहायता समूह सदस्यों को आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने के लिए अन्य कार्यों के साथ-साथ अगरबत्ती बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। प्रदेश में 1896 महिलाओं द्वारा अगरबत्ती बनाने का कार्य किया जा रहा है। पैडल एवं ऑटोमेटिक मशीनों से प्रदेश में लगभग 90 क्विंटल प्रतिदिन अगरबत्ती का उत्पादन किया जा रहा है। प्रदेश के 24 जिलों के 154 ब्लॉक में 255 अगरबत्ती यूनिट संचालित है। प्रतिमाह लगभग 3880 क्विंटल अगरबत्ती का निर्माण हो रहा है।

ग्रामीण क्षेत्र के निर्धन परिवारों की महिलाओं द्वारा बनाई जा रही यह अगरबत्ती, पैकिंग, खुशबू के मामले में बहुर्राष्ट्रीय कंपनियों से पीछे नहीं है। आजीविका अगरबत्ती की बाजार में मांग बनी हुई है। बड़ी संख्या में महिलायें व्यक्तिगत एवं सामूहिक रूप से इस कार्य से जुड़ी हुई है। प्रमुख रूप से शिवपुरी, रीवा, सागर, धार आदि जिलों की अगरबत्ती प्रदेश के साथ अन्य प्रदेशों के बाजारों में भी अपनी पहचान बनाती जा रही है। ''व्ही टू सी बाजार डॉट कॉम'' के माध्यम से आजीविका उत्पादों को डिजीटल प्लेटफॉर्म से वैश्विक बाजार से सीधा जोड़ा गया है।

राज्य महिला आयोग ने की 29 प्रकरणों की सुनवाई

राज्य महिला आयोग ने की 29 प्रकरणों की सुनवाई

राज्य महिला आयोग ने श्रीराम कॉलेज प्रबंधन को सुश्री रोशनी पवार के वेतन की 35 हजार 519 रुपये की बकाया राशि 15 दिन के भीतर लौटाने के निर्देश दिये हैं। प्रबंधन ने रोशनी को नौकरी से हटाने के बाद एक माह के विरुद्ध मात्र 10 दिन का वेतन दिया था। अध्यक्ष  लता वानखेड़े और सदस्यगण  गंगा उईके,  अंजू सिंह बघेल,  प्रमिला वाजपेई और  सूर्या चौहान की संयुक्त बैंच ने आज भोपाल बैंच के दूसरे दिन 29 प्रकरण की सुनवाई की। वर्तमान आयोग की भोपाल में यह 15वीं संयुक्त बैंच थी। अगली बैंच 31 जुलाई और एक अगस्त को होगी।

 लता वानखेड़े ने बताया कि आयोग प्रधानमंत्री उपचार योजना के प्रावधानों में संशोधन के लिये शीघ्र ही पत्र लिखेगा।  वानखेड़े ने बताया कि एक प्रकरण में कैंसर उपचाररत भाई की मृत्यु के बाद प्रधानमंत्री उपचार योजना के तहत अस्पताल को 30 हजार रुपये की राशि मिली थी। आर्थिक रूप से कमजोर बहन कीर्ति ने जब अस्पताल से स्वीकृत राशि की माँग की तो प्रबंधन ने कहा कि वह राशि केन्द्र को लौटा दी गई है। यहीं नहीं मृत भाई के एमबीए पढ़ाई के लिये लिये गये ऋण की वसूली स्टेट बैंक पिता की पेंशन से कर रहा है। आयोग ने बैतूल में 27 जुलाई को होने वाली बैंच में बैंक मैनेजर को तलब किया है।  वानखेड़े ने कहा कि कमजोर वर्गों के लोगों द्वारा उपचार में राशि खर्च कर देने के बाद मरीज की मृत्यु हो जाने पर भी योजना की राशि मिले इसके लिये वह प्रयास करेंगी।

अपील
पारिवारिक प्रकरणों की तेजी से बढ़ती संख्या पर चिन्ता व्यक्त करते हुए अध्यक्ष  वानखेड़े ने नवदम्पत्तियों से अपील की है कि कम से कम एक साल तक एक दूसरे को समझें और परिवार में सामंजस्य बैठाने की कोशिश करें।  वानखेड़े ने कहा कि देखने में आया है कि विवाह टूटने का कारण निहायत ही छोटे मुद्दों से शुरू होता है। जो मात्र सहनशीलता की कमी और अंहकार से जुड़े होते हैं। हर व्यक्ति को विचारधारा अलग-अलग होती है। बुरा मानने की बजाय दम्पत्ति आपस में मिलकर मामलें सुलझायें और आगे चलकर एक खुशहाल परिवार बनें।

 

नर्मदा घाटी विकास मंत्री द्वारा परियोजना कार्यों की गहन समीक्षा

नर्मदा घाटी विकास मंत्री द्वारा परियोजना कार्यों की गहन समीक्षा

नर्मदा घाटी में सिंचाई विस्तार के लिये वर्तमान में जो निर्माणाधीन परियोजनाओं को लक्षित समयावधि में पूरा करने के लिये सघन प्रयास किये जायें। इस बात का विशेष ध्यान रखा जाये कि परियोजना कमाण्ड क्षेत्र का कोई भी किसान सिंचाई लाभ से वंचित न रहे। यह बात नर्मदा घाटी विकास विभाग के राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार  लाल सिंह आर्य ने आज यहां नर्मदा भवन से परियोजना कार्यों की गहन समीक्षा के दौरान कही।  आर्य ने इंदिरा सागर, ओंकारेश्वर, मान, जोबट, पुनासा उद्वहन, अपरबेदा, लोअरगोई, रानी अवंती बाई सागर, बरगी व्यपवर्तन सहित नई स्वीकृत परियोजनाओं के निर्माण और संचालन की विस्तृत जानकारी ली।

नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष  रजनीश वैश ने परियोजनाओं के विभिन्न पक्षों की विस्तृत जानकारी देते हुये बताया कि वर्ष 2016-17 में परियोजनाओं से 5 लाख 50 हजार हेक्टेयर रकबे को जल उपलब्ध कराया गया। इसे जारी रखते हुये वर्ष 2017-18 में 6 लाख हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित किया जायेगा।  वैश ने नर्मदा मालवा गम्भीर लिंक के 65 प्रतिशत तक पूर्ण हुये कार्यों की जानकारी देते हुये सरदार सरोवर विस्थापन और पुनर्वास कार्य की अद्यतन स्थिति से अवगत कराया। बैठक में प्राधिकरण के सदस्य, मुख्य अभियन्तागण तथा पुनर्वास से संबंधित अधिकारी मौजूद थे।