Friday, 13 January 2017

तेज बहादुर का आवेदन मंजूर, 31 जनवरी को सर्विस से हो जाएंगे रिटायर

तेज बहादुर का आवेदन मंजूर, 31 जनवरी को सर्विस से हो जाएंगे रिटायर

खराब खाने की शिकायत को लेकर वीडियो डालने वाले जवान तेज बहादुर ने 31 दिसंबर को वीआरएस यानी वॉलेंट्री रिटायरमेंट का आवेदन दिया था, जिसे मंजूर कर लिया गया है. अब 31 जनवरी को तेजबहादुर बीएसएफ की सर्विस से रिटायर हो जाएंगे.जानकारी के मुताबिक, तेजबहादुर ने वीडियो डालने से पहले ही 31 दिसंबर को स्वैच्छिक रिटायरमेंट यानि वीआरएस के लिए आवेदन कर दिया था. फिलहास तेजबहादुर को दूसरी यूनिट में प्लंबर का काम दिया गया है.आपको बता दें कि तेज बहादुर के वीडियो डालने के बाद बवाल मच गया है. इस मामले में गृह मंत्रालय के साथ पीएमओ ने अपनी दिलचस्पी दिखाई है. बीएसएफ ने गृह मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है. तेजबहादुर के सोशल मीडिया पर वीडियो डालने के बाद बीएसएफ के अधिकारी ने उस जगह का दौरा किया था, जहां उनकी पोस्टिंग थी.सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट में बताया गया है कि बीएसएफ अधिकारी की जांच के दौरान उसी यूनिट के किसी अन्य जवान ने खाने की गुणवत्ता को लेकर कोई शिकायत नहीं की. सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट में कहा गया है कि डॉक्टर अभी खाने की क्वालिटी और न्यूट्रीशन को लेकर जांच कर रहे हैं. बीएसएफ चार से पांच दिन में फाइनल रिपोर्ट गृह मंत्रालय को भेजेगा.

उत्तर भारत में शीतलहर जारी, हिमाचल प्रदेश में दो व्यक्तियों की मौत

उत्तर भारत में शीतलहर जारी, हिमाचल प्रदेश में दो व्यक्तियों की मौत

उत्तरी राज्यों में आज शीतलहर का प्रकोप जारी रहने के बीच जम्मू कश्मीर, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में कई जगहों पर पारा जमाव बिंदु से नीचे आ गया जबक हिमाचल प्रदेश में ठंड से दो व्यक्तियों की मौत हो गयी। सुबह के समय कोहरे की वजह से रेल सेवाएं प्रभावित हुईं। दिल्ली आने वाली 26 ट्रेनें विलंब से चल रही हैं, आठ ट्रेनों के समय में बदलाव किया गया और सात ट्रेने निरस्त कर दी गईं। हालांकि हवाई यातायात निर्बाध रूप से जारी रहा।
राष्ट्रीय राजधानी में शीतलहर से न्यूनतम तापमान 3.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो पिछले तीन सालों में जनवरी का सबसे कम तापमान है।क्षेत्रीय मौसम अनुमान केन्द्र के निदेशक रविन्दर भिषेन ने पीटीआई से कहा, ‘‘आज का न्यूनतम तापमान 3.4 डिग्री रहा जो पिछले तीन साल में जनवरी में सबसे कम है और यह इस मौसम का भी सबसे कम तापमान है।पड़ोसी गौतमबुद्ध नगर के प्रशासन ने सीबीएसई, आईसीएससी और उत्तर प्रदेश बोर्ड से संबंधित विद्यालयों को ठंड के चलते 15 जनवरी तक बंद रखने का आदेश दिया है। हिमाचल प्रदेश में शीतलहर और तेज हो गयी है, लाहौल स्पीति के कीलोंग में शून्य से 15 डिग्री नीचे न्यूनतम तापमान रहने के साथ ही सबसे सर्द रात रही है। आदिवासी और पहाड़ी इलाकों में ठिठुरन की स्थिति बनी रही। दो और व्यक्तियों की मौत हो जाने के साथ ही शिमला जिले में पिछले हफ्ते शुरू हुई बर्फबारी में के बाद से अबतक कुल 10 लोगों की जान चली गयी। कई स्थानों पर जल आपूर्ति पाइप जम गए जिससे सात दिनों से पानी की आपूर्ति बाधित है।जम्मू कश्मीर में कई स्थानों पर इस सीजन का सबसे कम रात का तापमान दर्ज किया गया। पहलगाम का न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे 13 डिग्री सेल्सियस रहा जो जनवरी में तीन साल में सबसे कम है। वहीं गुलमर्ग में चार साल में इस सीजन का सबसे कम रात्रि का तापमान दर्ज किया गया जो शून्य से नीचे 13.5 डिग्री सेल्सियस रहा। हरियाणा के नारनौल में शून्य से 0.5 डिग्री नीचे न्यूनतम तापमान रहा जबकि पंजाब के अमृतसर और आदमपुर में 0.8 डिग्री और शून्य से 0.1 डिग्री नीचे तापमान के साथ हाड़ कंपनी वाली ठंड पड़ रही है। बिहार की राजधानी पटना भी इस सीजन का सबसे निम्नतम तापमान 5.6 डिग्री रहा। राजस्थान में भी कड़ाके की सर्दी पड़ रही है।

नोटबंदी: 15 दिन में खत्‍म हो जाएगी एटीएम में कैश की समस्‍या

नोटबंदी: 15 दिन में खत्‍म हो जाएगी एटीएम में कैश की समस्‍या

नोटबंदी के फैसले के बाद जनवरी के आखिर में एटीएम में कैश की स्थिति सामान्य हो जाएगी। रिजर्व बैंक भी नकदी निकालने पर लगी पाबंदियों में ढील दे सकता है। सूत्रों के हवाले से यह जानकारी मिली है। बैंकिंग सेक्टर के एक सूत्र ने कहा कि फिलहाल एटीएम में 9000 करोड़ रुपये प्रतिदिन डाले जा रहे हैं, जबकि नोटबंदी के शुरुआती दिनों में यह आंकड़ा 2 से 3 हजार करोड़ ही था। हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि नकदी की स्थिति में सुधार हुआ है। आरबीआई स्थिति पर नजर बनाए हुए है और सभी मानकों को ध्यान में रखते हुए एटीएम से पैसा निकालने की लिमिट बढ़ाने पर फैसला लिया जाएगा।8 नवंबर को नोटबंदी के फैसले के बाद देश के 220,000 एटीएम में 13000 करोड़ रुपये रोजाना डाले जा रहे थे। हालांकि स्थिति बेहतर हुई है, लेकिन फिर भी एटीएम के बाहर लाइनें लगी हुई हैं, क्योंकि कैश निकालने की लिमिट तय है। फिलहाल एक हफ्ते में 24000 रुपये और एक दिन में 4500 रुपये निकाले जा सकते हैं। एक प्राइवेट बैंक के अधिकारी ने कहा कि मेट्रो शहरों में यह बात देखने में आ रही है कि रोज वही लोग पैसा निकालने के लिए लाइन में लगते हैं, जिसके कारण भीड़ लग जाती है।एक सूत्र ने कहा कि नवंबर 8 से पहले 125 ट्रांजेक्शन्स हुआ करती थीं, लेकिन अब एक दिन में 300 ट्र्रांजेक्शन होती हैं। मगर यह अच्छा संकेत है क्योंकि नवंबर और दिसंबर के महीने में यह आंकड़ा 800 ट्रांजेक्शन का था। कैश लॉजिस्टिक्स असोसिएशन के अध्यक्ष रितुराज सिन्हा ने कहा कि एटीएम में कैश डालने और उसे अपडेट करने की बात करें तो स्थिति सामान्य के करीब है। कैश लॉजिस्टिक्स एटीएम में कैश और उसे मैनेज करने का काम करती है।आपको बता दें कि 8 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 और 1000 के बड़े नोटों को अमान्य करार दे दिया था, जिससे देश में नकदी की किल्लत पैदा हो गई थी। एटीएम और बैंक में भी नए 500 और 2000 रुपये के नोटों की कमी देखी गई थी। इसके कारण कई लोगों की एटीएम की लाइनों में लगने के कारण मौत भी हुई थी। विपक्ष ने संसद में लोगों को हो रही परेशानी का हवाला देते हुए सरकार के फैसले की कड़ी आलोचना की थी।

12वीं में 85 प्रतिशत के साथ राष्ट्रीय शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश पर सरकार भरेगी पूरी फीस

12वीं में 85 प्रतिशत के साथ राष्ट्रीय शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश पर सरकार भरेगी पूरी फीस

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहाँ मुख्यमंत्री निवास पर विद्यार्थी पंचायत में घोषणा की‍कि म.प्र. बोर्ड की बारहवीं की परीक्षा में 85 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों का राष्ट्रीय-स्तर के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश के लिए चयन होने पर उनकी पूरी फीस राज्य सरकार भरेगी। जिन विद्यार्थियों के 85 प्रतिशत से कम अंक आते हैं और उनका चयन राष्ट्रीय-स्तर के शैक्षणिक संस्थानों में होता है तो उन्हें राज्य सरकार शून्य प्रतिशत ब्याज पर शिक्षा ऋण उपलब्ध करवाएगी। राज्य सरकार द्वारा विभिन्न वर्गों से संवाद के लिए आयोजित पंचायतों की श्रंखला में यह पंचायत आयोजित की गई। श्री चौहान ने स्वामी विवेकानन्द जी का पुण्य-स्मरण कियामुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अगले शैक्षणिक सत्र से स्नातक स्तर के पाठ्यक्रम से सेमेस्टर व्यवस्था समाप्त कर दी जाएगी। अगले शैक्षणिक सत्र से सभी महाविद्यालयों में स्नातक स्तर पर गणवेश लागू होगा। विद्यार्थियों और उद्योगों के बीच परस्पर संवाद के लिये एक प्लेसमेंट पोर्टल बनाया जाएगा। शैक्षणिक गुणवत्ता के लिए अगले शैक्षणिक सत्र से पाँचवीं और आठवीं की बोर्ड परीक्षाएँ होगीश्री चौहान ने कहा कि वर्ष में एक दिन मुख्यमंत्री, मंत्री, रिटायर्ड अधिकारी, अधिकारी, कॉलेज के विद्यार्थी स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने जाएँगे। इसकी शुरूआत 28 जनवरी से की जा रही है। उन्होंने कहा कि बोर्ड की परीक्षा में 85 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले बच्चों को इस बार लेपटॉप की राशि के स्थान पर लेपटॉप दिए जाएँगे। एन.सी.सी. और एन.एस.एस. विद्यार्थियों को वेटेज देने की योजना बनाई जाएगी। सभी महाविद्यालयों का रिकार्ड ऑनलाईन किया जाएगा। अगले सत्र से राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के विद्यार्थी हिन्दी में प्रश्नपत्र दे सकेंगे। राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं की कोचिंग सभी वर्गों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उपलब्ध करवाई जाएगी। चिन्हित महाविद्यालयों में प्लेसमेंट सेंटर खोले जाएँगे। इस वर्ष 50 महाविद्यालय के भवनों के लिए राशि आवंटित की जाएगी। सभी विश्वविद्यालयों में बैचलर ऑफ वोकेशनल एजुकेशन शुरू किया जायेगा। प्रत्येक संभाग में एक उत्कृष्ट महाविद्यालय और प्रत्येक जिले में एक आदर्श महाविद्यालय बनाया जाएगा। विद्यार्थियों से जुड़ी प्रमुख सुविधाओं को लोक सेवा गारंटी अधिनियम में लाया जाएगा। शासकीय स्कूलों के पाठ्यक्रमों को एन.सी.ई.आर.टी. के समतुल्य बनाया जाएगा। प्रदेश में विश्व स्तरीय कौशल विकास संस्थान खोला जाएगा।मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार का फोकस उद्योग, शिक्षा और रोजगार पर है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है, मध्यप्रदेश इसमें पीछे नहीं रहेगा। प्रदेश में दुनिया का सबसे बड़ा पर्यावरण संरक्षण का अभियान 'नमामि देवी नर्मदे''-सेवा यात्रा चल रहा है। इसके अंतर्गत नर्मदा के दोनों तटों पर नशामुक्ति का अभियान चलाया जा रहा है। नर्मदा सेवा यात्रा में विद्यार्थी भी सहभागिता करें। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि अपने महाविद्यालय परिसरों में नशामुक्ति अभियान चलाएँ। वर्ष में एक पेड़ जरूर लगाएं। अपने शहर और गाँव को स्वच्छ रखें। प्रदेश के युवा उद्यमी बनें। राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना और मुख्यमंत्री युवा स्व-रोजगार योजना लागू की है। इस वर्ष प्रदेश के साढ़े सात लाख युवाओं को स्व-रोजगार के लिए मदद की जाएगी।मुख्यमंत्री ने स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा विभाग में चल रही योजनाओं के हितग्राही विद्यार्थियों को प्रतीक स्वरूप सुविधाएँ प्रदान की। मुख्यमंत्री ने प्लेसमेंट पोर्टल का भी शुभारंभ किया और कौशल विकास पर काफी टेबल बुक का भी विमोचन किया। उन्होंने पहली से बारहवीं कक्षा तक के बच्चों को छात्रवृत्ति वितरण की 'मिशन वन क्लिक'' योजना का शुभारंभ किया। इसमें एक क्लिक में 65 लाख बच्चों के खातों में छात्रवृत्ति की राशि पहुँच गई।

नए साल में खादी उद्योग के कैलेंडर, डायरी पर छाए पीएम नरेंद्र मोदी, बापू हुए किनारे

नए साल में खादी उद्योग के कैलेंडर, डायरी पर छाए पीएम नरेंद्र मोदी, बापू हुए किनारे

खादी ग्राम उद्योग आयोग (KVIC) द्वारा साल 2017 के लिए प्रकाशित कैलेंडर और टेबल डायरी से इस बार राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी गायब हैं। सूत्रों के अनुसार, बापू की जगह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ले ली है। कैलेंडर के कवर फोटो और डायरी में बड़े से चरखे पर खादी कातते मोदी की तस्‍वीर देखकर संस्‍थान के ज्‍यादातर कर्मचारी हैरान रहे गए। मोदी की तस्‍वीर गांधी के सूत कातने वाले क्‍लासिक पोज में है। जहां एक साधारण से चरखे पर अपने ट्रेडमार्क पहनावे में खादी बुनते गांधी की ऐतिहासिक तस्‍वीर थी, वहां अब कुर्ता-पायजामा-वेस्‍टकोट पहने मोदी नया चरखा चलाते दिखते हैं। इस कदम से क्षुब्‍ध KVIC कर्मचारियों ने गुरुवार को विले-पार्ले मुख्‍यालय में शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने का फैसला किया और भोजनावकाश के समय मुंह पर काली पट्टी बांधी। इस संबध में जब KVIC चेयरमैन विनय कुमार से पूछा गया तो उन्‍होंने कहा कि यह ‘असामान्‍य’ नहीं है और पूर्व में भी ऐसा होता रहा है।सक्‍सेना ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, ”पूरा खादी उद्योग की गांधीजी के दर्शन, विचारों और आदर्शों पर टिका हुआ है, वह KVIC की आत्‍मा हैं। इसलिए उन्‍हें नजरअंदाज करने का सवाल ही नहीं है।” उन्‍होंने कहा कि मोदी लंबे समय से खादी पहनते रहे हैं और उन्‍होंने इसे देश में और विदेशी हस्तियों के बीच लोकप्रिय बनाया है, वह खादी के इर्द-गिर्द अपना स्‍टाइल गढ़ते रहे हैं। सक्‍सेना ने कहा, ”दरअसल, वह (मोदी) खादी के सबसे बड़े दूत हैं और उनका विजन KVIC से मिलता है, गांवों को आत्‍मनिर्भर बनाकर ‘मेक इन इंडिया’ का। ग्रामीण जनता के बीच रोजगार सृजित कर ‘स्किल डेवलपमेंट’ का, खादी के बुनने, मार्केटिंग के लिए आधुनिक तकनीक लाना, इसके अलावा पीएम यूथ आइकन हैं।”
KVIC के एक वरिष्‍ठ अधिकारी इस बारे में कहा है, ”हम सरकार द्वारा महात्‍मा गांधी के विचारों, दर्शन और आदर्शों को सुनियोजित तरीके से खत्‍म करने से तकलीफ में हैं। पिछले साल कैलेंडर मं पीएम की तस्‍वीरें लगाकर पहली कोशिश की गई थी।2016 में, KVIC की स्‍टाफ यूनियनों ने कैलेंडर में मोदी की फोटो के मामले को मजबूती से उठाया था, जिसके बाद प्रबंधन ने आश्‍वासन दिया था कि भविष्‍य में ऐसा नहीं किया जाएगा। मोदी के नाम पर एक खादी उत्‍पाद का नाम भी रखा गया है- कैजुअल और आधी बांह वाला ‘मोदी कुर्ता’, गुजरात के मुख्‍यमंत्री के तौर पर मोदी ने वैसे कुर्ते पहनने शुरू किए थे, जिसके बाद कई अलग रंगों और स्‍टाइल के साथ उन्‍होंने सार्वजनिक कार्यक्रमों में खादी पहनी।

रामदेव का वर्ल्ड रिकॉर्ड, सीएम समेत एक लाख लोगों ने किया सूर्य नमस्कार

रामदेव का वर्ल्ड रिकॉर्ड, सीएम समेत एक लाख लोगों ने किया सूर्य नमस्कार

योग गुरु बाबा रामदेव ने आज छत्तीसगढ़ के भिलाई में एक वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है. बाबा रामदेव ने एक साथ एक लाख लोगों के साथ सूर्य नमस्कार का रिकॉर्ड अपने नाम किया है. रामदेव के साथ योग शिविर में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने भी हिस्सा लिया.बाबा रामदेव ने इससे पहले 2016 में मध्य प्रदेश में 50 हजार लोगों ने सूर्य नमस्कार कर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज करवाया था. बाबा रामदेव के योग शिविर के दौरान 5 विश्व कीर्तिमान के लिए गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड की टीम भी भिलाई में मौजूद थी.

सुब्रत राय सहारा को सुप्रीम कोर्ट की चेतावनी- बकाया 600 करोड़ नहीं चुकाया तो फिर भेजेंगे जेल

सुब्रत राय सहारा को सुप्रीम कोर्ट की चेतावनी- बकाया 600 करोड़ नहीं चुकाया तो फिर भेजेंगे जेल

सुप्रीम कोर्ट ने सहारा समूह के मुखिया सुब्रत राय सहारा को चेतावनी दी है। अदालत ने कहा है कि अगर सहारा समूह 6 फरवरी तक सेबी को भुगतान नहीं करता तो उन्‍हें फिर से जेल भेजा जा सकता है। सहारा समूह को 6 फरवरी तक सेबी के पास 600 करोड़ रुपए जमा कराने हैं। उच्चतम न्यायालय ने सोमवार (28 नवंबर) को सहारा समूह के मुखिया सुब्रत राय से कहा था कि यदि उन्हें जेल से बाहर रहना है तो वह सेबी-सहारा रिफंड खाते में अगले साल 6 फरवरी तक 600 करोड़ रुपए जमा करायें। न्यायालय ने उन्हें तब भी आगाह किया था कि धनराशि जमा कराने में विफल रहने पर उन्हें फिर जेल में लौटना होगा।नवंबर में प्रधान न्यायाधीश तीरथ सिंह ठाकुर, न्यायमूर्ति ए के सिकरी और न्यायमूर्ति रंजन गोगोई की तीन सदस्यीय खंडपीठ ने कहा था कि यदि सहारा समूह निवेशकों की बकाया राशि का भुगतान करने के लिये संपत्ति बेचने में असफल रहा तो वे इसके लिये ‘रिसीवर’ नियुक्त करने पर विचार कर सकते हैं। पीठ ने कहा, ‘यदि आप (सहारा समूह) संपत्ति बेचने में असफल रहे तो न्यायालय रिसीवर नियुक्त करना बेहतर समझेगी।’’ साथ ही पीठ ने यह भी कहा कि वह किसी व्यक्ति को जेल में नहीं रखना चाहती।