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Wednesday, 20 September 2017

मैक्सिको सिटी में भूकंप से 250 लोगों की मौत

मैक्सिको सिटी में भूकंप से 250 लोगों की मौत

- 1985 के विनाशकारी भूकंप की बरसी पर फिर थर्राया मैक्सिको
मैक्सिको सिटी में मंगलवार को आए शक्तिशाली भूकंप से दो करोड़ लोगों की आबादी वाला शहर थर्रा गया। 1985 के विनाशकारी भूकंप की 32वीं बरसी पर आए इस भूकंप से 250 से अधिक लोगों की मौत हुई है।  मृतकों की संख्या और बढऩे की उम्मीद की जा रही है। अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण के अनुसार, भूकंप की तीव्रता 7.1 थी, जबकि मैक्सिको के सीस्मोलॉजिकल इंस्टीट्यूट के अनुसार भूकंप की तीव्रता 6.8 थी।
संस्थान ने बताया कि भूकंप का केंद्र पड़ोसी प्यूब्ला प्रांत में चियाउतला डि तापिया से सात किमी पश्चिम में था। भूकंप की वजह से दहशत में आए लोग सड़कों पर निकल आए। मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। घनी आबादी वाली मैक्सिको सिटी और आसपास के राज्यों में भूकंप की वजह से देखते ही देखते कई इमारतें ध्वस्त हो गईं और हर ओर मलबा ही मलबा नजर आने लगा। मेयर मिगुएल एंजल मानसेरा ने बताया अकेले राजधानी में 44 इमारतें ध्वस्त हुई हैं।

बचावकर्मियों ने मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए अभियान शुरू कर दिया है। ज्ञात हो कि मैक्सिको में वर्ष 1985 में इसी तिथि को भीषण भूकंप आया था, जिसमें हजारों लोग मारे गए थे। इस भूकंप से ठीक दो सप्ताह पहले देश के दक्षिण में आए एक अन्य शक्तिशाली भूकंप में 90 लोग मारे गए थे। संघीय गृह मंत्री मिगुएल एंजेल ओसोरियो चोंग ने बताया कि अधिकारियों को अब भी मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका है।

शिवसेना ने बुलेट ट्रेन के कर्ज को गरीबों पर बोझ बताया

शिवसेना ने बुलेट ट्रेन के कर्ज को गरीबों पर बोझ बताया

शिवसेना ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर तंज कस्ते हुए कहा है कि कांग्रेस के शासन में कच्चे तेल का दाम 130 डॉलर प्रति बैरल था, लेकिन इसके बावजूद पेट्रोल और डीजल का दाम कभी भी क्रमश: 70 और 53 रुपये प्रति लीटर से ज्यादा नहीं हुआ। इसके बावजूद विपक्ष सड़कों पर बढ़ी कीमतों को लेकर प्रदर्शन कर रहा था। लेकिन आज कच्चे तेल का दाम 4989 डॉलर प्रति बैरल है, लेकिन  लोगों को कम कीमतों का फायदा नहीं मिल रहा है। इसके बजाय पेट्रोल 80 रुपये और डीजल 63 रुपये प्रति लीटर की दर से बेचा जा रहा है। यह लोगों को लूटने जैसा है।
शिवसेना ने सवाल किया कि दुनिया भर में कच्चे तेल के दाम में गिरावट के बावजूद देश में इनके दाम क्या बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए जापान से लिए गए कर्ज के ब्याज को चुकाने के लिए ज्यादा रखे गए हैं। केंद्र और महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ एनडीए के घटक शिवसेना ने दो दिन पहले कहा था कि ईंधन के ज्यादा दाम देश में किसानों की खुदकुशी का मुख्य कारण है।

शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में छपे संपादकीय में कहा गया, 'जो लोग सरकार में हैं वह महंगाई पर बात नहीं करना चाहते और न ही दूसरों को बात करने देना चाहते हैं। ईंधन के दाम आसमान पर पहुंचने का दर्द आम आदमी झेल रहा है। सरकार में बैठे लोग अगर पिछले चार महीनों के दौरान इसके दाम में 20 बार की बढ़ोतरी का समर्थन करते हैं तो यह सही नहीं है।'

मोदी ने यूपीए की 23 योजनाओं के नाम बदलकर किया लागू-कांग्रेस

मोदी ने यूपीए की 23 योजनाओं के नाम बदलकर किया लागू-कांग्रेस

कांग्रेस ने केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार पर सत्ता में आने के बाद पिछली सरकार की 23 प्रमुख योजनाओं का नाम बदलकर उन्हें लागू करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस प्रवक्ता राजीव शुक्ला ने कहा कि मनरेगा जैसी योजनाओं का नाम वह कुछ कारणों से नहीं बदल पाए।
उन्होंने कहा कि इस सरकार ने केवल एक नयी चीज दी है-नोटबंदी। उन्होंने कहा कि इस नोटबंदी के क्या-क्या प्रभाव हुए, यह आप किसी भी भारतीय से पूछ सकते हैं। शुक्ला ने कहा कि मोदी सरकार ने पुरानी इंदिरा आवास योजना का नाम प्रधानमंत्री आवास योजना कर दिया। इसी प्रकार राजीव गांधी आवास योजना का नाम सरदार पटेल राष्ट्रीय शहरी आवास मिशन, राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन का नाम स्किल इंडिया, राष्ट्रीय बालिका दिवस कार्यक्रम को बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ कर दिया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा पहले आधार कार्ड का यह कहकर विरोध करती है कि इसका आतंकवादी दुरूपयोग कर सकते हैं। किन्तु सत्ता में आने के बाद उसी भाजपा की सरकार हर योजना को आधार से जोड़ रही है।

वित्त मंत्री अरूण जेटली की इस टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर कि पेट्रोल पदार्थों के दामों में वृद्धि का विरोध कर रही कांग्रेस को अपने शासन वाले राज्यों में इस पर कर कम क्यों नहीं कर रही है। शुक्ला ने कहा कि कांग्रेस से ज्यादा तो भाजपा की राज्यों में सरकारें हैं। भाजपा को हमें नसीहत देने के पहले स्वयं अपनी पार्टी के शासन वाले राज्यों में इस पर कटौती कर उपभोक्ताओं को लाभ देना चाहिए।

प्रदेश की सात हॉकी खिलाड़ी बेटियों का भारतीय ए टीम में चयन

प्रदेश की सात हॉकी खिलाड़ी बेटियों का भारतीय ए टीम में चयन
प्रदेश को गौरवान्वित कर रही खिलाड़ी बेटियां : खेल मंत्री श्रीमती सिंधिया
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ने दी हार्दिक बधाई


मध्यप्रदेश हॉकी अकादमी की सात खिलाड़ी बेटियों के भारतीय महिला हॉकी टीम में चयन की खबर से खेल जगत में खुशी की लहर दौड़ गई है। प्रदेश की खेल और युवा कल्याण मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ने भारतीय महिला हॉकी '' टीम में अकादमी की खिलाड़ी बेटियों के चयन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए खिलाड़ी बेटियों को बधाई दी है। उन्होंने खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रतिभा प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करते हुए शुभकामनाएँ भी प्रेषित की हैं।

गौरतलब है कि हॉकी इंडिया द्वारा 18 सदस्यीय महिला हॉकी '' टीम की घोषणा की गई हैं। भारतीय टीम में मध्यप्रदेश राज्य महिला हॉकी अकादमी की जिन खिलाड़ियों का चयन किया गया है उनमें प्रीति दुबे (फारवर्ड) (कप्तान) बिचु देवी खारिबम एवं दिव्या ठेपे (गोलकीपर), नीलू डाडिया एवं सुमन देवी (डिफेंडर), इशिका चौधरी और नीलांजली राय (मिडफील्डर) शामिल हैं।

प्रतिभा प्रदर्शन का अवसर

प्रदेश की खेल और युवा कल्याण मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया द्वारा खेलों के विकास में ली जा रही विशेष रूचि और प्रयासों के चलते खेलों के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को नित नई ऊंचाईयाँ मिल रही हैं। संचालक खेल और युवा कल्याण श्री उपेन्द्र जैन ने बताया कि खिलाड़ियों के बेहतर कैरियर के मद्देनजर खेल विभाग द्वारा विभिन्न खेल अकादमियां संचालित की जा रही हैं। अकादमी के माध्यम से उपलब्ध कराए जा रहे उच्च स्तरीय खेल संसाधनों और प्रशिक्षण के चलते प्रदेश के खिलाड़ी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेलों का शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और पदक जीतकर प्रदेश का गौरव बढ़ा रहे हैं। उन्होंने बताया कि महिला हॉकी खिलाड़ियों के लिए विभाग द्वारा ग्वालियर में हॉकी अकादमी संचालित की जा रही है जिसमें खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय सुविधाएँ और प्रशिक्षण दिया जा रहा है। खेल मंत्री के प्रयासों से प्रदेश के खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभा प्रदर्शन का अवसर मिल रहा है।

अकादमी ने किया सफलता का मार्ग प्रशस्त


भारतीय '' टीम के लिए चयनित हुई हॉकी अकादमी की खिलाड़ी बेटियाँ वर्तमान में राजधानी स्थित साई में चल रहे राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। भारतीय टीम में नियुक्त कप्तान प्रीति दुबे सहित अन्य खिलाड़ियों ने अकादमी की खेल सुविधाओं की सराहना करते हुए बताया कि खेल मंत्री द्वारा खेलों में विशेष रूचि ली जा रही है और खिलाड़ियों को हर संभव खेल सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि अकादमी के माध्यम से मिल रहे उच्च स्तरीय प्रशिक्षण से ही आज हम इस मुकाम पर हैं। गौरतलब है कि महिला हॉकी अकादमी के मुख्य प्रशिक्षक श्री परमजीत सिंह के मार्गदर्शन में उक्त खिलाड़ी प्रशिक्षणरत हैं।

जनता की संतुष्टि को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाये : मुख्यमंत्री श्री चौहान

जनता की संतुष्टि को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाये : मुख्यमंत्री श्री चौहान
प्रदेश में 22 हजार से अधिक बिजली पंचायतों का आयोजन हुआ

मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा ऊर्जा विभाग की समीक्षा
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि विभागीय गतिविधियों में जनता की संतुष्टि को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाये। जनता की संतुष्टि में ही कार्य की दक्षता है। उन्होंने कहा कि विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता और बिलों की सहजता जनता की संतुष्टि का आधार है। इसको निरंतर बेहतर बनाने के प्रयास किये जाएं। श्री चौहान आज मंत्रालय में ऊर्जा विभाग की समीक्षा कर रहे थे। इस अवसर ऊर्जा मंत्री श्री पारस जैन और मुख्य सचिव श्री बी.पी.सिंह भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में अल्प वर्षा के कारण सूखे की स्थिति बनने की संभावना है। इसलिये रबी और धान की फसल के लिये विद्युत आपूर्ति के समुचित प्रबंध किये जाएं। ट्रांसफार्मर के जलने और खराब ट्रांसफार्मरों को समय से बदलने की त्वरित और प्रभावी व्यवस्था हो। उन्होंने कार्य की कड़ी निगरानी किये जाने के निर्देश दिये। विभाग द्वारा विद्युत बैंकिंग और बिजली पंचायतों के नवाचारों की सराहना करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि इसे और अधिक प्रभावी बनाया जाए। बिजली की आपूर्ति गुणवत्तापूर्ण रहे, इसकी कड़ी निगरानी की जाए।

मुख्यमंत्री को बताया गया कि ट्रांसफार्मरों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के प्रभावी प्रयास किये गये हैं। मानव संचालित टेस्टिंग लैब में टेस्टिंग की व्यवस्था के साथ ही कम्प्यूट्रीकृत टेस्टिंग लैब की स्थापना का कार्य भी प्रगति पर है। प्रदेश में बिजली पंचायतों का 22 हजार 667 ग्राम पंचायतों में आयोजन हुआ है। प्राप्त एक लाख 332 समस्याओं में से 98 हजार 91 का निराकरण हो गया है। वर्ष 2016-17 के दौरान किसानों को एक लाख 88 हजार 612 स्थाई विद्युत पम्प कनेक्शन दिए गये हैं। वर्तमान वित्तीय वर्ष के दौरान 38 हजार 606 स्थाई विद्युत पंप कनेक्शन किये गये हैं। विभाग द्वारा उच्च दाब बिलिंग चक्र में परिवर्तन कर राजस्व आय में वृद्धि और महत्वपूर्ण उपकरणों के क्रय, वितरण और संधारण के एक समान मानक निर्धारित कर गुणवत्ता सुनिश्चित करने की नई पहल की है।


बैठक में अपर मुख्य सचिव वित्त श्री ए.पी.श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव ऊर्जा श्री इकबाल सिंह बैंस, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री अशोक वर्णवाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री फसल बीमा में प्रदेश में सर्वाधिक 42 लाख किसान बीमित

पाँच वर्ष की औसत उत्पादकता और वास्तविक फसल उत्पादकता के अंतर पर बनता है बीमा दावा
प्रधानमंत्री फसल बीमा में प्रदेश में सर्वाधिक 42 लाख किसान बीमित
सीहोर जिले में 43 हजार 850 किसान को रुपये 55 करोड़ 50 लाख की बीमा राशि स्वीकृत

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत देश में सर्वाधिक 42 लाख किसानों को मध्यप्रदेश में बीमित किया गया है। इस योजना के अंतर्गत खरीफ 2016 के बीमित दावों का भुगतान किया गया है। खरीफ 2016 में सीहोर जिले के 43 हजार 850 कृषकों को 55 करोड़ 50 लाख की दावा राशि स्वीकृत हुई है। देखा जाय तो जिले के एक किसान के मान से 12 हजार 657 रुपये बीमा दावे का औसत आता है। लेकिन पटवारी हल्का अनुसार क्षतिस्तर भिन्न-भिन्न होने से कहीं अधिक और कहीं कम बीमा राशि का भुगतान हुआ।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना पिछले 5 वर्षों की औसत उत्पादकता (जो फसल कटाई प्रयोग से निकाली जाती है) में वास्तविक फसल उत्पादकता के अंतर पर बीमा दावा बनाया जाता है।

उदाहरण के लिये सीहोर जिले की रेहटी तहसील के पटवारी हल्का 44 में वास्तविक उपज तथा थ्रेश होल्ड उपज में फसल कटाई प्रयोगों में कमी मात्र 2 किलोग्राम प्रति हैक्टेयर रही। इस वजह से बीमा दावा राशि अत्यन्त कम रही। दूसरी ओर जिन पटवारी हल्के में फसल कटाई प्रयोगों में थ्रेश होल्ड तथा वास्तविक फसल कटाई में अधिक अंतर रहा, वहाँ ज्यादा फसल बीमा राशि बनी।

उदाहरण के लिये इसी तहसील के पटवारी हल्का 42 में थ्रेश होल्ड उपज से वास्तविक उपज में अंतर फसल कटाई प्रयोगों में 319 किलोग्राम प्रति हैक्टेयर रहा। इस कारण से इस पटवारी हल्के के ग्रामों में किसानों को फसल बीमा राशि अधिक मिली।

सीहोर जिले में कृषकों को सोयाबीन फसल में अधिक नुकसान होने से अधिक राशि प्राप्त हुई है जैसे - कृषक श्री दशरथ सिंह पटवारी हल्का नं. 41 ग्राम अवंतिपुरा को बीमा दावा राशि 1,81,345 रुपये प्राप्त हुए हैं। इसी प्रकार कृषक श्री मनोहर सिंह पटवारी हल्का नं. 42 ग्राम महोड़िया को राशि 1,21,949 रुपये, कृषक श्री अशोक कुमार गुप्ता पटवारी हल्का नं. 42 ग्राम महोडिया को 1,40,752 रुपये, कृषक सिद्धनाथ सिंह पटवारी हल्का नं. 47 ग्राम संग्रामपुर को 97 हजार 480 रुपये, कृषक श्री भरतसिंह गेहलोत पटवारी हल्का नं. 52 ग्राम संग्रामपुर को 94 हजार 697 रुपये, कृषक श्री शेरसिंह पटवारी हल्का नं. 35 ग्राम तकीपुर को 85 हजार 732 रुपये, कृषक श्री पर्वतसिंह पटवारी हल्का नं. 64 ग्राम धबोटी को 76 हजार 636 रुपये, कृषक श्री नरसिंह पटवारी हल्का नं. 68 ग्राम बड़नगर को 84 हजार 882 रुपये और कृषक श्री हरिचरण पटवारी हल्का नं. 07 ग्राम सेमरादांगी को 66 हजार 539 रुपये प्राप्त हुए हैं।


इस प्रकार यह स्पष्ट है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रावधानों के अनुसार पिछले 5 सालों में फसल कटाई प्रयोगों के मान से वास्तविक उपज के अंतर के अनुसार बीमा राशि का भुगतान होता है। कटाई अंतर कम होने पर बीमा राशि कम प्राप्त होती है और वास्तविक उपज का अंतर ज्यादा होता है तो दावा राशि ज्यादा प्राप्त होती है। यह भी कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना क्षेत्र आधारित है। किसानवार योजना नहीं है।

Tuesday, 19 September 2017

अटल बिहारी बाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय की घटना के लिए सरकार का गैर जिम्मेदाराना रवैया

अटल बिहारी बाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय की घटना के लिए सरकार का गैर जिम्मेदाराना रवैया
अटल बिहारी बाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय में जिस तरीके से बिना किसी सूचना के तोड़फोड़ की गई वह सरकार के गैर जिम्मेदाराना रवैया को दर्शाता है। जहाँ एक तरफ मातृ भाषा हिंदी को बढ़ावा देने के लिये देश व प्रदेश में विभिन्न आयोजन किये जातें हैं वही दूसरी तरफ पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी बाजपेयी जी के नाम पर बने विश्वविद्यालय को बिना किसी सूचना के तोड़ा जा रहा है।


घटना की जानकारी प्राप्त होते ही जन अधिकार संगठन के साथी मोहम्मद शमीम, दिनेश मेघानी, प्रदीप नापित, संजय मिश्रा, मनीष, रोहित सहित कई साथी श्री अक्षय हुंका के नेतृत्व में विश्वविद्यालय पहुंचा। वहां पहुंचकर पता चला कि विश्वविद्यालय की महत्वपूर्ण दस्तावेजों को भी कूड़े के ढेर में फेंक दिया गया था। वहां छात्रों ने बताया कि उनकी क्लास के बीच से उठाकर क्लास को तोड़ दिया गया।

जन अधिकार संगठन का प्रतिनिधिमंडल कल महामहिम राज्यपाल जी से मिलकर ये मांग करेगा की जब तक विश्वविद्यालय को चलाने के लिए वैकल्पिक जगह की व्यवस्था नहीं की जाती तब तक विश्वविद्यालय को नही तोड़ा जाये। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि विश्वविद्यालय के स्थानांतरण की प्रक्रिया से विद्यार्थियों की पढ़ाई, परीक्षा और अन्य कार्य प्रभावित न हो। विश्वविद्यालय को बेनजीर कॉलेज में स्थानांतरित करने की बात हुई है, इस प्रक्रिया को तेज किया जाए।


साथ ही पर्यटन मंत्रालय को सुनिश्चित करना चाहिए कि जब तक विश्वविद्यालय को स्थानांतरित नहीं कर दिया जाता तब तक विश्वविद्यालय के शिक्षकों, स्टाफ और विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो।