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Sunday, 20 August 2017

रामलला के दर्शन में बाधा बना "प्रभु" का रेलवे फटाक

रामलला के दर्शन में बाधा बना "प्रभु" का रेलवे फटाक

ओरछा। 20 अगस्त 2017

पुष्य नक्षत्र में राम राजा के दर्शन करने पहुंचे हज़ारों श्रद्धालु कई किलोमीटर लंबे जाम में फंस गए। झाँसी और ओरछा के बीच आवागमन प्रभावित रहा। हज़ारों की संख्या में दो पहिया व चार पहिया वाहन फाटक के दोनों ओर थम गए। बताते चलें कि कथानुसार पुष्य नक्षत्र में राजा जुझारसिंह की रानी गणेशी बाई अपने संकल्प से रामराजा को ओरछा रियासत में लेकर आई थीं। तब से यहां प्रत्येक पुष्यनक्षत्र में श्रद्धालु लाखों की संख्या पहुंचते हैं।

Saturday, 19 August 2017

जापान ने विकसित जीपीएस प्रणाली के लिए लांच किया सेटेलाइट

जापान ने विकसित जीपीएस प्रणाली के लिए लांच किया सेटेलाइट


जापान ने एक सप्ताह की देरी के बाद आज एक भू-स्थैतिक उपग्रह(जीपीएस)को कक्षा में स्थापित करने के लिए एच-2ए रॉकेट लांच किया। सरकार ने यह जानकारी दी।  
अंतरिक्ष परियोजना के मंत्री मासाजी माट्सुयामा ने बताया कि इससे पहले तकनीकी खराबी की वजह से यह प्रक्षेपण एक सप्ताह के लिए टाल दिया गया था। उन्होंने कहा, तीसरे सेटेलाइट के सफलतापूर्वक लांच करने के बाद हम भविष्य में चार सेटेलाइट से सिग्नल ग्रहण करने में सक्षम होंगे। उन्होंने कहा, सरकार इस वर्ष के अंत तक इस परियोजना के संबंध में चौथे सेटेलाइट को लांच करने की योजना बना रही है और इस सेटेलाइट से अगले वर्ष अप्रैल तक महत्वपूर्ण सूचनाएं प्राप्त होने लगेंगी। 

एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि जापान 2023 तक भूस्थैतिक उपग्रह की संख्या बढ़ाकर सात करना चाहता है ताकि अमरीका के जीपीएस प्रणाली के उपलब्ध न होने की स्थिति में जापान इस संबंध में आत्मनिर्भर हो सके। इस श्रेणी की सेटेलाइट का निर्माण मिट्सुबिशी इलेक्ट्रिक कॉर्प ने किया है और इसे कक्षा में मिट्सुबिशी हैवी इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने स्थापित किया है।

उत्कल एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त होने से छह की मौत, दर्जनों घायल

उत्कल एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त होने से छह की मौत, दर्जनों घायल


पुरी से हरिद्वार जा रही उत्कल एक्सप्रेस (18477) आज मुजफ्फरनगर के खतौली के पास दुर्घटनाग्रस्त होने से कम से कम छह लोगों की मौत हो गई और बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने की सूचना है। हादसे में ट्रेन के कई डिब्बे पटरी से उतरकर बस्ती के घरों में जा घुसे हैं। इससे यात्रियों के अलावा स्थानीय लोगों के मरने की आशंका है। पुलिस और प्रशासनिक अफसर मौके पर पहुंच गए है। राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू कर दिए गए हैं। घायलों को निकट के अस्पताल में पहुंचाया गया है। इनमें कई की हालत गंभीर है।

हादसा इतना जबरदस्त था कि उत्कल एक्सप्रेस के कई डिब्बे पटरी से उतर कर लोगों के घरों में घुस गए। इसके बाद दिल्ली-हरिद्वार-देहरादून टेरैक बंद हो गया है। पूरी हरिद्वार कलिंग उत्कल एक्सप्रेस के हादसे से रेलवे प्रशासन में हड़कंप मचा है। कई ट्रेनों को रास्ते में रोक दिया गया है।

हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर आनन-फानन यात्री सहायता केंद्र खोलने की तैयारी चल रही है ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों के चार्ट भी निकाले जा रहे हैं। हादसे के मद्देनजर अस्पताल की इमरजेंसी को खाली करा लिया गया है। सभी चिकित्सों को अलर्ट कर जिले की सभी एंब्यूलेंस को घटनास्थल की ओर रवाना कर दिया गया है।

आठवें दिन 100 करोड़ की हुई 'टॉयलेट- एक प्रेम कथा' और बना ये रिकॉर्ड

आठवें दिन 100 करोड़ की हुई 'टॉयलेट- एक प्रेम कथा' और बना ये रिकॉर्ड


 स्वच्छता अभियान के समर्थन में बनी अक्षय कुमार की 'टॉयलेट- एक प्रेम कथा' को दर्शकों ने भी अपना प्यार दिया, जिसके चलते फ़िल्म रिलीज़ के आठवें दिन 100 करोड़ क्लब में पहुंच गयी है। इसके साथ ही अक्षय ने एक दिलचस्प रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है। 

11 अगस्त को सिनेमाघरों में पहुंची 'टॉयलेट- एक प्रेम कथा' ने पहले हफ़्ते में 96.05 करोड़ का कलेक्शन कर लिया था। फ़िल्म ने दूसरे शुक्रवार यानि 18 अगस्त को लगभग 4 करोड़ का बिज़नेस किया, जिसके साथ 8 दिनों में इसका कुल कलेक्शन 100.05 करोड़ हो गया। 'टॉयलेट' अक्षय कुमार की इस साल दूसरी रिलीज़ है। पहली फ़िल्म 'जॉली एलएलबी 2' थी, जिसने 117 करोड़ का कलेक्शन किया।

'टॉयलेट', 100 करोड़ क्लब में अक्षय की आठवीं फ़िल्म है। ये उपलब्धि हासिल करने वाले अक्षय कुमार दूसरे एक्टर बन गये हैं। उनसे आगे सिर्फ़ सलमान ख़ान हैं, जिनकी 11 फ़िल्में 100 करोड़ क्लब की सदस्य बनी हैं। मगर, जो सबसे ज़रूरी बात है, वो ये कि 'टॉयलेट एक प्रेम कथा' 100 करोड़ क्लब में पहुंचने वाली अक्षय की सबसे तेज़ फ़िल्म है। अगर अक्षय की बाक़ी फ़िल्मों की 100 करोड़ क्लब में पहुंचने की रफ़्तार देखें, तो वो इस प्रकार है- 

इस साल बॉलीवुड फ़िल्मों को 100 करोड़ क्लब में पहुंचना काफ़ी मुश्किल हो गया है। अगर तेलुगु फ़िल्म 'बाहुबली- द कंक्लूज़न' के हिंदी वर्ज़न को शामिल ना करें, तो 'टॉयलेट- एक प्रेम कथा' 100 करोड़ से ज़्यादा बिज़नेस करने वाली महज़ छठी फ़िल्म है। इससे पहले 'रईस' (139 करोड़), 'काबिल' (127 करोड़), 'जॉली एलएलबी2' (117 करोड़), 'बद्रीनाथ की दुल्हनिया' (116 करोड़) और 'ट्यूबलाइट' (121 करोड़) ही 100 करोड़ क्लब की मेंबर बन सकी हैं। 'टॉयलेट- एक प्रेम कथा' को श्री नारायण सिंह ने डायरेक्ट किया है। फ़िल्म में अक्षय के साथ भूमि पेडनेकर ने फ़ीमेल लीड रोल प्ले किया। 

केन्द्रीय मंत्री तोमर ने मोघे की उपलब्धियों को सराहा

केन्द्रीय मंत्री तोमर ने मोघे की उपलब्धियों को सराहा


केन्द्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  नरेन्द्र सिंह तोमर ने आज म.प्र. गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मण्डल (हाऊसिंग बोर्ड) के अध्यक्ष  कृष्णमुरारी मोघे के एक वर्ष के सफल कार्यकाल पर प्रकाशित फोल्डर का विमोचन किया। इस अवसर पर प्रदेश की नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  माया सिंह, लोक निर्माण मंत्री  रामपाल सिंह, प्रमुख सचिव  मलय वास्तव और मण्डल के आयुक्त  रवीन्द्र सिंह सहित मण्डल के आधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

केन्द्रीय मंत्री  नरेन्द्र सिंह तोमर ने इस अवसर पर कहा कि हाऊसिंग बोर्ड के अध्यक्ष  कृष्णमुरारी मोघे दूरदर्शी व्यक्तिव के धनी हैं। इनके कार्यकाल में बोर्ड में गरीब एवं कमजोर वर्गों के लिये सस्ते आवास उपलब्ध कराने की दिशा सार्थक पहल की शुरूवात हुई है।  तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के महत्वकांक्षी कार्यक्रम 'हाऊसिंग फॉर आल' के लक्ष्य को अर्जित करने में कोई रूकावट नहीं आने दी जाएगी। इस योजनान्तार्गत वर्ष 2022 तक प्रदेश के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब एवं कमजोर वर्ग के परिवार का अपना घर होगा।

प्रदेश की नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  माया सिंह ने मण्डल की प्रगति एवं उपलब्धियों की सराहना की। इस अवसर पर मण्डल के अध्यक्ष  कृष्णमुरारी मोघे ने मण्डल की गतिविधियों के साथ-साथ भविष्य की योजनाओं के बारे में भी बताया।

हर प्रतिभा का होगा सपना साकार, सबकी फीस भरेगी सरकार

हर प्रतिभा का होगा सपना साकार, सबकी फीस भरेगी सरकार


मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान और सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष  अमित शाह 20 अगस्त को मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना में चयनित विद्यार्थियों को भोपाल में लाल परेड ग्राउण्ड में आयोजित समारोह में स्वीकृति-पत्र प्रदान करेंगे। समारोह दोपहर 12 बजे होगा।

तकनीकी शिक्षा (स्वतंत्र प्रभार), स्कूल शिक्षा एवं श्रम राज्य मंत्री  दीपक जोशी ने बताया है कि योजना में लगभग 32 हजार विद्यार्थियों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है। समारोह में विभिन्न जिलों के लगभग 15 हजार विद्यार्थी शामिल होंगे।

 जोशी ने बताया कि मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना में वर्ष 2016 या उसके बाद आयोजित 12वीं की माध्यमिक शिक्षा मण्डल की परीक्षा में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक अथवा सीबीएसई/आईसीएसई की परीक्षा में 85 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। योजना में लाभ के लिये विद्यार्थी के पालक की आय 6 लाख रुपये से कम होना चाहिए। विद्यार्थी का आधार नम्बर भी जरूरी है। ऐसे छात्र जिनके पास आधार नम्बर नहीं हैं, उन्हें 3 माह के अंदर आधार नम्बर प्रस्तुत करना होगा।

इंजीनियरिंग-जे.ई.ई. मेन्स परीक्षा में 50 हजार तक की रैंक वाले विद्यार्थियों द्वारा किसी शासकीय अथवा अशासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रवेश लेने पर उसे सहायता मिलेगी। शासकीय कॉलेज की पूरी फीस (मेस शुल्क एवं कॉशन मनी छोड़कर) दी जायेगी। प्रायवेट कॉलेज की फीस में डेढ़ लाख रुपये या वास्तविक शुल्क (शुल्क समिति द्वारा निगमित, मेस शुल्क एवं कॉशन मनी छोड़कर) जो कम हो, शासन द्वारा दी जायेगी। यदि किसी इंजीनियरिंग कॉलेज में पृथक प्रवेश परीक्षा के आधार पर प्रवेश दिया जाता है और छात्र की रैंक जेईई मेन्स में 50 हजार के अंदर है, तो उसे भी पात्रता होगी। शासकीय कॉलेज की परिभाषा में अनुदान प्राप्त महाविद्यालय एवं सभी शासकीय विश्वविद्यालय भी सम्मिलित हैं।

बीडीएस के विद्यार्थियों को भी मिलेगा लाभ
मेडिकल-राष्ट्रीय पात्रता और प्रवेश परीक्षा (नीट) के माध्यम से केन्द्र या राज्य के किसी भी शासकीय मेडिकल/डेंटल कॉलेज अथवा मध्यप्रदेश के किसी प्रायवेट मेडिकल कॉलेज/डेंटल कॉलेज में एम.बी.बी.एस./बी.डी.एस. पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने पर योजना का लाभ मिलेगा। विद्यार्थियों को देय शुल्क राज्य शासन द्वारा दी जायेगी

नीट अथवा भारत शासन के अंतर्गत ऐसे संस्थान, जो स्वयं के द्वारा आयोजित परीक्षा के आधार पर प्रवेश देते हैं, को भी योजना में सम्मिलित किया गया है।

शासकीय मेडिकल/डेंटल कॉलेज में शिक्षित डाक्टर 2 वर्ष तक ग्रामीण क्षेत्र में कार्य करने को बाध्य होंगे। इन्हें 10 लाख रुपये का बांड भरना होगा। प्रायवेट कॉलेज के छात्रों के लिये यह अवधि 5 वर्ष तथा बांड की राशि 25 लाख रुपये होगी।

लॉ- क्लेट के माध्यम से देश के किसी भी राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में बारहवीं कक्षा के बाद के कोर्स की विद्यार्थियों को देय शुल्क राज्य सरकार द्वारा दी जायेगी। मध्यप्रदेश में स्थित भारत सरकार के सभी संस्थानों में संचालित ग्रेजुएशन प्रोग्राम या इंटीग्रेटेड पोस्ट-ग्रेजुएशन प्रोग्राम के कोर्स की विद्यार्थियों को देय शुल्क राज्य शासन द्वारा दी जायेगी।

राज्य शासन के सभी कॉलेज के बी.एससी., बी.ए., बी. काम., नर्सिंग, पॉलीटेक्निक तथा स्नातक स्तर के सभी पाठ्यक्रमों की फीस सरकार भरेगी। योजना में स्नातक स्तर के लिये विभिन्न संस्थाओं को देय शुल्क के रूप में प्रवेश शुल्क एवं वह वास्तविक शुल्क (मेस शुल्क एवं कॉशन मनी को छोड़कर), जो शुल्क विनियामक समिति अथवा मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग अथवा राज्य शासन द्वारा निर्धारित की गयी है, का ही भुगतान किया जायेगा। शासकीय संस्थाओं के विद्यार्थियों की पूरी फीस संस्था के खाते में दी जायेगी। प्रायवेट संस्थाओं में विद्यार्थियों को देय शुल्क विद्यार्थी के खाते में दिया जायेगा।

छह लाख रुपये तक की आय सीमा के अंतर्गत बीपीएल कार्डधारी, अनुसूचित-जाति और अनुसूचित-जनजाति वर्ग के विद्यार्थी, जो उपरोक्त निर्धारित शर्तों के कारण योजना में सम्मिलित नहीं हो पा रहे हैं, को विशेष प्रकरण मानते हुए विभाग इनके संबंध में सक्षम प्राधिकारी से अनुमोदन प्राप्त कर योजना में सम्मिलित कर सकेगा।

योजना का लाभ लेने वाले विद्यार्थियों को प्रवेशित संस्था के नियम अनुसार विषय तथा पाठ्यक्रम को समय-सीमा में पूरा करना आवश्यक होगा अन्यथा योजना का लाभ नहीं मिलेगा। विद्यार्थी द्वारा राज्य या केन्द्र शासन की किसी अन्य योजना से सहायता प्राप्त होने की स्थिति में वह अंतर की राशि प्राप्त कर सकेगा। मध्यप्रदेश के युवा, जो इस योजना के लाभार्थी होंगे एवं उनका परिवार स्वेच्छा से शिक्षा पूरी होने के बाद मध्यप्रदेश सरकार द्वारा स्थापित फण्ड में उनके जैसे अन्य छात्रों की सेवा के लिये योजना में दी गयी राशि को वापस जमा करा सकेंगे। योजना का क्रियान्वयन संचालनालय तकनीकी शिक्षा द्वारा किया जा रहा है। विभागीय पोर्टल www.scholarshipportal.mp.nic.in के माध्यम से योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शाह ने किया पौधरोपण

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शाह ने किया पौधरोपण 


मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने प्रतिवर्ष एक वृक्ष लगाने का लोगों से आव्हान किया है।  चौहान वन महोत्सव शुभारम्भ कार्यक्रम में पौधरोपण उपरांत उपस्थिजनों को संबोधित कर रहे थे। वन महोत्सव में राष्ट्रीय अध्यक्ष भाजपा सांसद  अमित शाह, राष्ट्रीय महासचिव  कैलाश विजयवर्गीय सहित मंत्रिपरिषद के सदस्यों एवं छात्र-छात्राओं ने पौधरोपण किया।

मुख्यमंत्री  चौहान ने पौधरोपण कार्यक्रम में शामिल होने वाले नागरिकों, विद्यार्थियों को बधाई शुभकामनाएँ दी। उन्होंने उपस्थिजनों को वृक्षारोपण करते रहने के लिये प्रेरित किया।

कार्यक्रम में बताया गया कि वन महोत्सव के दौरान कलियासोत तट पर करीब 2 हजार पौधों का रोपण किया जा रहा है। इसमें नीम के 400, करंज के 400, शीशम के 200, जामुन के 250, सिरस के 100, कचनार के 100, पेल्टाफार्म के 100, आंवला के 60, खैर के 60, बेल के 50, बरगद के 20, पीपल के 20, अमरूद के 60, चिरोल के 50, मॉत के 05, सीताफल के 25, सप्तपर्णी के 20, कटहल के 10 और आम के 50 पौधे शामिल हैं।