Website Hosting & Domain in Bhopal

Tuesday, 25 April 2017

क्या है काम की जानकारी "ATM" से 5 लाख का बीमा







क्या है काम की जानकारी "ATM" से 5 लाख का बीमा


 




यदि किसी भी सरकारी या गैर सरकारी बैंक का एटीएम आपके पास है तो आपका उस बैंक में अपने आप ही दुर्घटना बीमा हो गया है. ये बीमा 25,000 रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक का होता है. इस योजना को शुरु हुई कई साल हो गए हैं लेकिन 90-95 फीसदी लोगों को इस बात की जानकारी ही नहीं है क्योंकि बैंक कभी खुद ये जानकारी ग्राहकों को नहीं देते.

दुर्घटना बीमा की ये प्रक्रिया क्या है और मुआवजा कैसे मिलता है वो जान लीजिए.

    स्कीम के मुताबिक अगर किसी एटीएम धारक की दुर्घटना में मौत हो जाती है तो उसके परिवार के सदस्य को 2 महीने से लेकर 5 महीने के भीतर बैंक की उस ब्रांच में जाना होगा जहां उस शख्स का खाता था और वहां पर मुआवजे को लेकर एक एप्लीकेशन देनी होगी.
    अगर आपके पास किसी एक बैंक में एक ही अकाउंट हो या फिर उस बैंक की दूसरी ब्रांच में भी अकाउंट हो तो भी मुआवजा आपको किसी एक एटीएम पर ही मिलेगा जिससे पैसे का लेन-देन किया जा रहा हो. मुआवजा देने के पहले बैंक ये देखेंगे कि मौत से पहले पिछले 45 दिन के भीतर उस एटीएम से किसी तरह का वित्तीय लेन-देन हुआ था या नहीं.

बैंक में अकाउंट खुलने के बाद जैसे ही एटीएम आपको मिलता है बीमा पॉलिसी लागू हो जाती है. बैंक की तरफ से बीमा करवाया जाता है जिससे एटीएम धारक की मौत होने के बाद परिवार को मदद मिल सके.

    इस स्कीम के मुताबिक आंशिक विकलांगता से लेकर मृत्यु होने तक अलग अलग तरह के मुआवजे का प्रावधान दिया गया है. इसके लिए एटीएम धारक को कोई पैसा भी जमा नहीं कराना होता है.
    बस यदि आपके पास एटीएम है तो उस बैंक में ऑटोमैटिक दुर्घटना बीमा का फायदा आपको मिल सकता है.
    नियम ये है कि अगर एटीएम धारक की किसी दुर्घटना में मौत हो जाती है तो उसके घरवालों को उस बैंक से मुआवजा मिलेगा.
    ये योजना बैंक के ग्राहकों के लिए ही होती है लेकिन बैंक कभी भी इस बात की जानकारी ग्राहक को नहीं देते.

जानें किस स्थिति में कितना मिल सकता है मुआवजा
अगर आपके पास साधारण एटीएम है तो 1 लाख रुपये तक का मुआवजा परिवार वालों को मिलेगा और अगर कार्ड मास्टरकार्ड है तो ये मुआवजा 2 लाख रुपये तक हो सकता है. आंशिक विकलांगता की सूची में अगर एक हाथ या एक पैर खराब होता है तो बैंक से 50,000 रुपये का मुआवजा मिल सकता है. वहीं दोनों हाथ या दोनों पैर खराब होने की सूरत में भी 1 लाख रुपये का मुआवजा एटीएम धारक को मिल सकता है.

अलग-एलग एटीएम टाइप पर अलग-अलग बीमा राशि
मास्टर कार्ड धारक को 50 हजार रुपये का बीमा और क्लासिक एटीएम पर 1 लाख रुपये तक का बीमा होता है. सभी वीजा कार्ड पर 2 लाख रुपये का बीमा और मास्टर मित्र कार्ड पर 25 हजार रुपये का बीमा होता है. वहीं प्लैटिनम कार्ड पर 2 लाख रुपये और मास्टर प्लैटिनम कार्ड पर 5 लाख रुपये तक का बीमा आपको बैंक से मिल सकता है.

मतलब ये कि अगर आपके पास प्लेटिनम कार्ड है जो आपके कार्ड पर 2 लाख रुपए का दुर्घटना बीमा का प्रावधान है. अगर आपके पास क्लासिक कार्ड या फिर किसान डेबिट कार्ड है तो उस पर 50 हजार रुपए की राशि तय की गई है पीएनबी मित्र एटीएम कार्ड पर 25 हजार रुपए का दुर्घटना बीमा होता है. जबकि मास्टर रक्षक प्लेटिनम कार्ड पर 5 लाख रुपए का बीमा राशि तय की गई है.

जानें अपने हक को
आपके लिए सलाह यही है कि बैंक में अपने एटीएम के बारे में पूछताछ करें और इस बात की जानकारी मांगे कि आपके एटीएम कार्ड पर आपको कितना बीमा मिला है. बैंक अगर इंकार करे तो उसे बताएं कि आपको सरकार द्वारा इस योजना की पूरी जानकारी है. अगर दुर्घटना या एटीएम धारक की मृत्यु हो जाती है तो कार्ड टाइप के अनुसार मिलने वाली बीमा राशि की मांग करें और अगर बैंक इंकार करता है तो कंज्यूमर फोरम में जाकर अपना हक ले सकते हैं.

सीबीआई के पूर्व निदेशक रंजीत सिन्हा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की

सीबीआई के पूर्व निदेशक रंजीत सिन्हा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की
 

सीबीआई ने मंगलवार को कोल घोटाला मामले में आरोपित और अपने ही विभाग के पूर्व निदेशक रंजीत सिन्हा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित एमएल शर्मा की कमेटी ने जांच में पाया कि प्रथमद्रष्टया लगता है कि पूर्व निदेशक सिन्हा ने  कोल खदान आवंटन मामले की जांच प्रभावित करने की कोशिश की थी.

1974 बैच के आईपीएस अधिकारी रंजीत सिन्हा वर्ष 2012 से 2014 तक सीबीआई के निदेशक थे. अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कोयला घोटाले के आरोपितों से अपने सरकारी बंगले पर मुलाकात की थी. सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण की शिकायत पर शीर्ष कोर्ट ने रंजीत सिन्हा के खिलाफ जांच का जिम्मा सीबीआई के स्पेशल निदेशक एमएल शर्मा को सौंपा था.

माओवादियों के खिलाफ उनकी रणनीति की दोबारा समीक्षा की जाएगी।

माओवादियों के खिलाफ उनकी रणनीति की दोबारा समीक्षा की जाएगी।
 

सुकमा में सीआरपीएफ जवानों पर हुए माओवादी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस हमले में अर्धसैनिक बलों के 25 जवान शहीद हो गए। सरकार ने वादा किया है कि माओवादियों के खिलाफ उनकी रणनीति की दोबारा समीक्षा की जाएगी।

मुख्यमंत्री रमन सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि आनेवाले दिनों में गुरिल्लाओं के खिलाफ अभियान को मजबूती और तेजी के साथ छेड़ना होगा। सुकमा हमले के बाद केन्द्र और राज्य सरकार ने यह साफ कर दिया है कि नक्सिलियों के खिलाफ मजबूती के साथ मुक़ाबला किया जाएगा।

सुकमा हमले के एक दिन बाद मंगलवार की सुबह छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहुंचे राजनाथ सिंह ने संवाददाताओं से कहा, “जवानों की शहादत बेकार नहीं जाएगी।” उन्होंने कहा कि सभी नक्सल प्रभावित राज्य के मुख्यमंत्रियों के साथ 8 मई को नई दिल्ली में बैठक की जाएगी ताकि इन माओवादियों को जड़ से उखाड़ने के रास्ते तलाशे जाएं। नक्सली हमले में मारे गए सीआरपीएफ को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, हम नक्सलियों से निपटने के लिए अपनाई गई रणनीति की दोबारा समीक्षा करेंगे और अगर जरुरत पड़ी तो फिर से देखेंगे।

सरकार नक्सलियों के खिलाफ दो तरह की रणनीति अपनाती रही है- सशस्त्र अभियान के साथ ही विकास की गतिविधियां। जैसे- नक्सल प्रभावित इलाकों में सड़क निर्माण, स्वास्थ्य केन्द्र और विद्यालय की स्थापना।

ऊर्जा मंत्री श्री जैन ने बिजली कर्मचारियों से उनकी माँगों के संबंध में चर्चा की

 ऊर्जा मंत्री श्री जैन ने बिजली कर्मचारियों से उनकी माँगों के संबंध में चर्चा की

ऊर्जा मंत्री श्री पारस जैन ने आज मंत्रालय में म.प्र. यूनाइटेड फोरम फॉर पॉवर एम्पलाईज एवं इंजीनियर्स के प्रतिनिधियों के साथ उनकी माँगों के संबंध में चर्चा की। फोरम के पदाधिकारियों ने संविदाकर्मियों के नियमितिकरण, कुछ संविदाकर्मियों की सेवा समाप्त होने तथा बाह्य स्रोत कर्मियों के संबंध में ऊर्जा मंत्री और अधिकारियों से चर्चा की।

श्री पारस जैन ने फोरम की माँगों पर विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि पूर्व में निकाले गये संविदाकर्मियों को सुनवाई का पुन: अवसर दिया जायेगा। संबंधित विद्युत कम्पनी के प्रबंध संचालक स्वयं इसकी समीक्षा करेंगे। बाह्य स्रोत कर्मचारियों के संबंध में अगले माह चर्चा की जायेगी। कर्मचारी भविष्य-निधि जमा करवाने की सख्ती से मॉनीटरिंग की जायेगी।

चर्चा के दौरान अपर मुख्य सचिव ऊर्जा श्री इकबाल सिंह बैंस और प्रबंध संचालक, पॉवर मैनेजमेंट कम्पनी श्री संजय शुक्ला तथा फोरम की ओर से संयोजक श्री व्ही.के.एस. परिहार, अभियंता संघ के श्री अनिल सिंघई, संविदा कर्मचारी संघ के श्री जी.के. वैष्णव एवं श्री श्लोक श्रीवास्तव आदि उपस्थित थे।


पत्रकार संगठनों ने की पत्रकार कौशल प्रकोष्ठ गठित करने और अन्य हितैषी निर्णयों की प्रशंसा

 पत्रकार संगठनों ने की पत्रकार कौशल प्रकोष्ठ गठित करने और अन्य हितैषी निर्णयों की प्रशंसा

पत्रकार वर्ग के हित में राज्य सरकार द्वारा घोषित नई सुविधाओं के लिए अनेक संगठनों ने मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान और जनसंपर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र के प्रति आभार व्यक्त किया है। पत्रकार संगठनों ने जनसंपर्क मंत्री को दिए गए आभार पत्र में पत्रकार कौशल प्रकोष्ठ गठित करने और अन्य पत्रकार कल्याण से जुड़े निर्णयों की प्रशंसा की है।

आज मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ, भोपाल द्वारा जनसंपर्क, जल-संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र से भेंट कर राज्य सरकार की पत्रकार वर्ग के प्रति सहृदयता के लिए आभार पत्र दिया गया। भोपाल जर्नलिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने भी जनसंपर्क मंत्री से भेंट की। समिति ने गत विधानसभा सत्र में पत्रकारों के लिए कौशल विकास प्रकोष्ठ की स्थापना, श्रद्धानिधि की राशि में वृद्धि, फोटो जर्नजिस्ट और कैमरामेन को भी श्रद्धानिधि के लिए पात्र मानने, चिकित्सा सहायता योजना में पत्रकार पर आश्रित माता-पिता को भी उपचार सहायता देने, गंभीर रोगों के इलाज के लिए सहायता राशि एक लाख रुपए तक बढ़ाने, गैर अधिमान्यता प्राप्त पत्रकारों को भी बीमा योजना से लाभान्वित करने, राज्य से बाहर पत्रकारों के लिए अध्ययन योजना लागू करने और पत्रकारों की समस्याओं के अध्ययन एवं निराकरण के उद्देश्य से पृथक समिति बनाने के निर्णयों को कल्याणकारी बताया है। पत्रकार संगठनों ने एक वर्ष के स्थान पर दो वर्ष के लिए अधिमान्यता कार्ड के नवीनीकरण के निर्णय के लिए भी आभार व्यक्त किया।

जनसंपर्क मंत्री को दिया सम्मान-पत्र

राज्य सरकार द्वारा पत्रकारों के हित में लिए गए निर्णयों के लिए प्रदेश के अन्य पत्रकार संगठन ने भी आभार व्यक्त किया है। मालवा श्रमजीवी पत्रकार संघ मध्यप्रदेश के पदाधिकारियों श्री अतुल पाठक, श्री दीपक जैन, श्री लखन गेहलोत, श्री प्रियश कोठारी आदि ने जनसंपर्क मंत्री डॉ. मिश्र को आज उनके निवास पहुँचकर सम्मान-पत्र भेंट किया।

कृषि मंत्री श्री बिसेन की उपस्थिति में 15 दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय कृषि प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन

 कृषि मंत्री श्री बिसेन की उपस्थिति में 15 दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय कृषि प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन


कृषि मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन ने केन्द्रीय कृ‍षि अभियांत्रिकी संस्थान में 15 दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय कृषि प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन समारोह में शिरकत की। उन्होंने 9 देश से आये 23 प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र दिये तथा सफल प्रशिक्षण पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षु भविष्य में भी संस्थान से ज्ञान, तकनीकी विकास संबंधी जानकारी के लिये जुड़े रहें। उन्होंने संस्थान द्वारा विभिन्न कार्यक्रम के माध्यम से सहभागी देशों को सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया।

संस्थान में 11 से 25 अप्रैल तक 'छोटे किसानों के लिये कृषि यांत्रिकीकरण पर अन्तर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण' 15 दिवसीय प्रशिक्षण में अफ्रीका एवं एशिया महाद्वीप के 9 देश बोत्सवाना, घाना, कीनिया, लायबेरिया, मलावी, मोजाम्बिक, यूगांडा, अफगानिस्तान तथा मंगोलिया से 23 प्रशिक्षणार्थियों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण में छोटे किसानों के लिये विभिन्न हस्त चालित, पशु चालित, छोटे ट्रेक्टर से चलने वाली और स्वचालित मशीनों, प्र-संस्करण मशीनों तथा नवकरणीय ऊर्जा यंत्रों से अवगत करवाया गया। कार्यक्रम में संस्थान के निर्देशक डॉ. के. के. सिंह एवं कृषि मशीनीकरण प्रभाग के अध्यक्ष डॉ. पी.एस. तिवारी उपस्थित थे।

एनटीपीसी खरगोन को 0.532 हेक्टेयर शासकीय भूमि आवंटित करने का निर्णय मंत्रि-परिषद के निर्णय

 एनटीपीसी खरगोन को 0.532 हेक्टेयर शासकीय भूमि आवंटित करने का निर्णय मंत्रि-परिषद के निर्णय 
 


मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में महाप्रबंधक परियोजना एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन को 2x600 मेगावॉट विद्युत परियोजना के लिए रेलवे पथ निर्माण के लिए ग्राम खेड़ी तहसील पुनासा जिला खंडवा की कुल 0.532 हेक्टेयर शासकीय भूमि चालू वित्तीय वर्ष की कलेक्टर गाइड लाइन अनुसार निर्धारित कर नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण की शर्तों पर आवंटित करने की अनुमति दी।

मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण के लिए पदों की संरचना एवं अधिकारी-कर्मचारी के पदों को प्रतिनियुक्ति/संविदा आधार पर भरे जाने, स्वीकृत पदों की संख्या एवं वेतनमान के प्रस्ताव का अनुमोदन किया।

मंत्रि-परिषद ने कोर्ट मैनेजर एवं सपोर्टिंग स्टाफ के सृजित पदों में से उच्च न्यायालय की स्थापना पर सृजित भृत्य के पद के वेतनमान में ग्रेड पे 1400 के स्थान पर 1300 संशोधित करने का निर्णय लिया।

मंत्रि-परिषद ने संविदा आधार पर 31 मार्च 2017 तक निरंतर किए गए कोर्ट मैनेजर एवं उनके स्टाफ के पदों में से कार्यरत कोर्ट मैनेजर एवं सपोर्टिंग स्टाफ के पदों को 30 सितंबर 2017 तक अथवा नियमित कोर्ट मैनेजर एवं सर्पोटिंग स्टाफ के पदों पर भर्ती होने तक, जो भी पहले हो, निरंतर किये जाने का अनुसमर्थन किया।

मंत्रि-परिषद ने अशासकीय स्वयंसेवा अनुदान प्राप्त संस्था अखिल भारतीय दयानंद सेवाश्रम संघ, नई दिल्ली, शाखा थांदला जिला झाबुआ द्वारा संचालित प्रवृत्तियों के लिए अनुदान सहायता प्राप्त करने के लिए अनुदान नियम 1985 एवं मध्यप्रदेश में पंजीयन कराए जाने के प्रावधान से 2015-16 से 10 वर्ष की छूट प्रदान की।

मंत्रि-परिषद ने पूर्वता क्रम (आर्डर ऑफ प्रेसीडेन्स) 2011 की सारणी के सरल क्रमांक-30 में प्रमुख सचिव गृह के बाद प्रमुख सचिव मध्यप्रदेश शासन एवं प्रमुख सचिव मध्यप्रदेश विधानसभा को एक साथ जोड़े जाने का निर्णय लिया।

मंत्रि-परिषद ने एम पी रोड डेव्लपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड के संचालन मंडल की 33 वीं बैठक 15 मार्च 2017 में पारित संकल्प के अंतर्गत निकास नीति का अनुमोदन किया।