झुनका भाखर का लगा भोग, संत गजानन महाराज का प्रकट दिवस श्रद्धा भक्ति के साथ मनाया गया।

174

धर्मश्री: सामाजिक-धार्मिक समाचार नेटवर्क @ सम्पर्क: 7869923143

भोपाल. महाराष्ट्र के शेगांव के प्रसिद्ध संत और मराठी समाज के आराध्य संत गजानन महाराज का प्रकट दिवस श्रद्धा भक्ति के साथ मनाया गया। शहर में निवासरत मराठी समाज के लोगों ने विशेष पूजा अर्चना की। मराठी समाज के मंदिरों में संत गजानन महाराज का अभिषेक, विशेष पूजा अर्चना की गई। शहर में कई स्थानों से पालकी शोभायात्राएं निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

पालकी यात्रा में फूलों से सजी गजानन महाराज की पालकी को श्रद्धालु कंधे पर उठाकर चल रहे थे और पुष्पवर्षा और जयकारों लगा रहे थे।

पालकी यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। धर्मश्री संस्था के अध्यक्ष समाजसेवी पंकज गजभिये भाऊ ने बताया कि सुबह मंदिरों में गजानन महाराज की पोथी का पारायण हुआ, इसके बाद अभिषेक और विशेष पूजा अर्चना हुई। पालकी के समापन के बाद महाप्रसाद वितरण किया गया।

मंदिरों में हुई विशेष पूजा अर्चना

शहर के मंदिरों में भी प्रकट दिवस पर विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान हुए। अरेरा कॉलोनी स्थित मंदिर में सुबह गजानन महाराज की पोथी का पारायण हुआ और विशेष अभिषेक, पूजा अर्चना हुई और झुनका भाखर के प्रसाद का वितरण हुआ। शाम को कीर्तन का आयोजन किया गया।

झुनका भाखर का लगाया भोग

मंदिरों में सुबह से ही धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला शुरू हो गया था। पोथी पारायण के साथ घरों और मंदिरों में श्रद्धालुओं ने गजानन महाराज की पूजा अर्चना कर झुनका भाखर (बेसन और ज्वार की रोटी), बेगन का भर्ता, ठेसा (लहसून और मिर्च की चटनी) का भोग लगाया । इस मौके पर मंदिरों में महाप्रसादी वितरण किया गया।

कोलार में भी उत्सव की धूम

प्रकट दिवस के उपलक्ष्य में कोलार में अलग-अलग स्थानों से पालकी शोभायात्रा निकाली गई। इसी तरह मंदिर से भी पालकी यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

गणपति एन्क्लेव में भी गजानन महाराज के प्रकट दिवस पर रानडे गुरुजी द्वारा पोथी पारायण एवं विशेष पूजा व अभिषेक का आयोजन किया गया। पूजा उपरांत भंडार एवं प्रसाद वितरण किया गया। कार्यक्रम में देव सेवक देवराणकर परिवार, दामले परिवार, केसकर परिवार, रपाटे परिवार, वैष्णव परिवार एवं अन्य सेवकगण उपस्थित हुये।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here