मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय में ग्रीष्मकालीन अवकाश को कार्य दिवस घोषित किया

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जबलपुर हाईकोर्ट में कोरोना महामारी covid19 व लॉकडाउन के कारण की गई बंदी को देखते हुए इस वर्ष जून माह में गर्मियों की छुट्टी नहीं होगी।  जानकारी सोशल मीडिया पर आने पर भोपाल जिले के वकीलों में उत्साह का वातावरण बन गया है। वकीलों का कहना है हम सभी महामारी covid19 के सुरक्षा नियमो का पालन करते हुए व्यवसाय चालू करना चाहते है, उच्च न्यायायल ने एक पहल की है जिसका स्वागत करते है।

अधिसूचना 

MP HIGH COURT

 

इनका कहना है

मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा दिनाँक 6 मई 2020 को नोटिफिकेशन जारी कर उच्च न्यायालय सहित मध्यप्रदेश के सभी अधीनस्थ न्यायालयो में दिनाँक18 मई से 12 जून तक होने जा रहे पूरे ग्रीष्मकालीन अवकाश को कार्य दिवस घोषित कर दिया है। मैं इसका स्वागत करता हूँ। यह अभूतपूर्व,साहसिक, सामयिक व सराहनीय कदम है। इससे शीघ्र न्याय सम्भव हो सकेगा एवम कोरोना के कारण हुये अवकाश व विलंब की पूर्ति भी हो सकेगी।

मनोज श्रीवास्तव एडवोकेट, कोषाध्यक्ष, भोपाल बार एसोसिएशन

ये उच्च न्यायालय की सराहनीय पहल है क्यों कि लॉकडाउन के कारण पहले ही काम बहुत पिछड़ गया है। मेरा मानना है अब 17/5/2020 से सभी कोर्ट एक गाईडलाईन के साथ खोल दी जानी चाहिऐ।

दीपक खरे, एडवोकेट, पूर्व सचिव – जिला बार एसोसिएशन भोपाल,मप्र

माननीय उच्च न्यायायल के मुख्य न्यायधीश का आदेश स्वागत योग्य है क्योंकि covid19 के कारण प्रदेश के समस्त न्यायलय विगत 18 मार्च से बंद हैं और आज पूरे 50 दिवस हो गए जिसकारण सारे कार्य लंबित हो गए है और इस गर्मी की छट्टी निरस्त से होने से  लंबित प्रकरण का निराकरण हो सकेगा और पक्षकारो को न्याय मिलेगा जिसमे अधिवक्तागण न्यायधीशगण कर्मचारीगण की भूमिका जरूरी है उक्त आदेश स्वागत योग्य है

डॉ पी सी कोठारी, एडवोकेट, पूर्व सचिव भोपाल बार एसोसिएशन

मध्यप्रदेश के सभी एडवोकेट्स को हार्दिक बधाई एवं माननीय उच्च न्यायालय का आत्मीय आभार जो उन्होंने कोरोना महामारी के कारण सभी न्यायालय बंद होने से जो प्रदेश के एडवोकेट्स को जो आर्थिक संकट आ गया था उसे दूर करने के लिए ग्रीष्मकालीन अवकाश को निरस्त करते हुए न्यायालय खोलकर कार्य करने का निर्णय लिया गया है।

राहुल शर्मा एडवोकेट पूर्व कार्यकारिणी सदस्य- जिला बार एसोसिएशन भोपाल,मप्र

मप्र उच्च न्यायालय के आदेश दिनांक 06/05/2020 द्वारा ग्रीष्मकालीन अवकाश निरस्त किया गया जिससे पीड़ित पक्षों को त्वरित न्याय मिलने लगेगा और अधिवक्ताओं का कार्य भी सुचारूरूप से चलने लगेगा।

सीएस शर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता, जिला बार एसोसिएशन भोपाल, मप्र

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