सदस्यता संख्या पर सवाल क्यों? पहले दिन की चकाचोंध देख तेजी से बड़े भाजपाई

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3 दिन के भाजपा सदस्यता ग्रहण अभियान के समाप्त होने पर भाजपा के मंत्री और नेतागणों ने दावे किये कि कांग्रेस के कुल 76,000 कार्यकर्ताओं ने भाजपा का दामन थाम लिया है। इस दावे से कोंग्रेसी नेता साफ़ इंकार कर रहे हैं और उनका कहना है कि यह सिर्फ हवाई आंकड़े हैं।

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क्या कहते है आंकड़े?

भाजपा सदस्यता ग्रहण समारोह 3 दिवसीय था। ग्वालियर चंबल अंचल में मध्यप्रदेश की 34 विधानसभा सीटें आती हैं। पहले दिन के बाद सुर्ख़ियों में 7,500 कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के भाजपा में आने की खबरें आ रही थी। साथ ही पहले दिन का कार्यक्रम बाकी दो दिनों की अपेक्षा बड़ा और सक्रीय भी था। दूसरे दिन के ख़तम होने पर कोंग्रेसी कार्यकर्ताओं के भाजपा में शामिल होने का आंकड़ा 35,800 बताया गया। इस आंकड़े के मुताबिक देखा जाये तो यह सवाल उठता है कि, क्या दूसरे दिन का प्रभाव पहले दिन से 3 गुना ज़्यादा हो सकता है ? तीसरे दिन के ख़तम होने पर कुल कार्यकर्ताओं की सदस्यता ग्रहण संख्या 76,361 बताई गई। जिसके मुताबिक तीसरे दिन करीबन 40,500 कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने BJP की सदस्यता ली। यह संख्या पहले दो दिनों की कुल संख्या से कई ज़्यादा बड़ी है। आँखों देखी स्थिति के नज़रिये से देखा जाये तो, पहला दिन सबसे ज़्यादा प्रभावशाली, सक्रीय और गतिमान था। सड़कों पर जन सैलाब, पुलिस और सुरक्षा बलों का इंतज़ाम साफ़ तौर पर देखने को मिल रहा था। दूसरे दिन जन सैलाब से लेकर कांग्रेस पार्टी के विरोध प्रदर्शन में भी काफी कमी देखने को मिली। और तीसरे दिन सड़कें आम दिनों की तरह चल रही थीं, किसी भी सभा स्थल पर लोगों का जमघट देखने को नहीं मिल रहा था।

खैर, BJP ने कितने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को अपनी झोली में डाला है यह आने वाले चुनावों में पता चल जायेगा, पर भाजपा के इस भव्य समारोह और कांग्रेस के विशाल प्रदर्शन ने साथ मिल कर ग्वालियर में कोरोना संक्रमण के नियमों की जमकर धज्जियाँ उड़ायीं हैं।

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