फर्जी चिटफण्‍ड कंपनी के नाम पर गरीब जनता से करोडो रूपये निवेश कराकर धोकाधडी करने वाला आरोपी पहुंचा जेल

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भोपाल, जिले के मुख्‍य न्‍यायिक दण्‍डाधिकारी निशीथ खरे के न्यायालय में चिटफण्‍ड कंपनी खोलकर आमजनो से पैसा निवेश कराकर धोकाधडी करने वाले आरोपी वचन सिंह ने जमानत आवेदन प्रस्‍तुत किया और निर्दोष होने की बात कही है। अभियोजन अधिकारी दिव्‍या शुक्‍ला ने बताया कि आरोपी द्वारा कारित अपराध गम्‍भीर प्रकृति का है। प्रकरण की विवेचना धारा 173(8) द.प्र.सं. के अन्‍तर्गत चल रही है। दो आरोपी फरार है और मुख्‍य आरोपी पुष्‍पेन्‍द्र सिंह बघेल वर्तमान में जेल में है, आरोपी को जमानत का लाभ दिया जाना उचित नही है। केस डायरी के अवलोकन तथा अभियोजन के तर्को से सहमत होते हुए न्‍यायालय द्वारा आरोपी वचन सिंह की जमानत निरस्‍त कर दी गयी।

Chit-fund-bhopalजनसंपर्क अधिकारी लोक अभियोजन म.प्र. भोपाल संभाग मनोज त्रिपाठी ने बताया कि दिनांक 26.06.2015 को फरियादी शारदाबाई एवं अन्‍य तीन द्वारा थाना एम.पी. नगर में रिपोर्ट लेख करायी कि साई प्रकाश प्रॉपर्टी डेवलपमेंट नामक चिटफण्‍ड कंपनी के सी.एम.डी. पुष्‍पेन्‍द्र बघेल आरोपी सुरजीत वर्मा, शिल्‍पा शर्मा और अन्‍य द्वारा वर्ष 2010 में धार जिले में बीमा, बैकिंग का कार्य शुरू कर गरीब जनता से करोडो रूपये इक्‍ट्ठे किये गये, उनके द्वारा बताया गया कि हमारी कंपनी आर.बी.आई. और आइ.आर.डी.ए. से पंजीकृत है और बैकिंग निवेश का अधिकार है, लेकिन उपभोक्‍ताओ को उनके पैसे वापस नही किये गये। हम लोगो जैसे कई लोगो ने कंपनी में पैसे लगाये जिनकी रसीद हमको दी गयी थी आरोपीगणो द्वारा धार के निवेशको की मीटिंग लेकर झूठे वादे कर प्रलोभन दिये गये। कथित आरोपी शिल्‍पा शर्मा का उपयोग कर आम जनो को अपनी बातो में फंसा कर पैसा कंपनी में लगवाने का काम करता थे। फरियादी ने यह भी बताया कि आरोपी पुष्‍पेन्‍द्र सिंह बघेल के विरूद्ध ग्‍वालियर, उत्‍त्‍रपदेश, कानपुर में भी कई मामले दर्ज है। कंपनी की जांच चल रही है, लेकिन यह पैसे के दम पर छूट जाते है फरियादी ने बताया कि इन आरोपीगणो द्वारा अन्‍योदय प्रोड्यूसर एवं चम्‍बल मालवा मल्‍टीस्‍टेट को आपरेटिव सोसायटी नामक कंपनी खोली गई है जिसमें आरोपी सुरजीत की पत्‍नी डायरेक्‍टर है वर्तमान में गण‍पति होटल तीसरी मंजिल एम.पी. नगर भोपाल में इसका ऑफिस संचालित हो रहा है जहां कथित आरोपी शिल्‍पा शर्मा रिजनल मैनेजर के रूप में कार्यरत है। उक्‍त कंपनी के साथ साथ साई प्रकाश कंपनी भी यही से संचालित हो रही है। यह कि सेबी ने साई प्रकाश कंपनी को प्रतिबंधित कर रखा है फिर भी यह लोग अवैध रूप से व्‍यापार कर रहे है। आरोपी धार का आफिस बंद कर फरार हो चुका है तथा इन्‍दौर में अन्‍योदय नामक ऑफिस खोलकर उसमें साई प्रकाश का कार्य कर रहा है। इनके कई रसूदखोर लोगो से संबंध है और फरियादिया शारदा बाई द्वारा साई प्रकाश में 10 लाख रूपये , संजय पाटीदार द्वारा 24 लाख रूपये, अशोक सोलंकी द्वारा 7 लाख 92 हजार रूपये, नारायण पाटीदार द्वारा 10 लाख रूपये तथा भैरूलाल पाटीदार द्वारा 3 लाख 50 हजार रूपये निवेश किये गये थे। फरियादीगण पैसे वसूलने इनके कार्यालय भोपाल आये थे जहां आरोपीगणो ने इन्‍हें जान से मारने की धमकी दी। इनके ऑफिस में गुण्‍डे तैनात है। कंपनी के संचालक द्वारा कंपनी खोलकर निवेशको को कंपनी द्वारा चलाई जा रही लोक लुभावनी स्‍कीमो का झांसा देकर रकम जमा करने तथा रकम डबल करने का वादा कर धोखाधडी की जा रही है।

जांच उपरांत उक्‍त शिकायत पर थाना एम.पी. द्वारा थाने के अपराध क्रमांक 617/2015 धारा 420 भादवि एवं धारा 4, 6 म.प्र. निक्षेपको के हितो का संरक्षण अधिनियम 2000 एवं 45 एस-58बी ‘5ए’ आर.बी. आई. एक्‍ट के तहत आरोपी पुष्‍पेन्‍द्र सिंह बघेल, सुरजीत वर्मा, शिल्‍पा शर्मा तथा वचन सिंह कुन्‍तल के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। इस दौरान आरोपी पुष्‍पेन्‍द्र बघेल को पूर्व में गिरफतार किया गया था जिसका विचारण वर्तमान में माननीय जिला न्‍यायाधीश भोपाल के न्‍यायालय में चल रहा है तथा विवेचना के ही दौरान दिनांक 11.09.2020 को आरोपी वचन सिंह को गिरफतार किया गया था आरोपी द्वारा धारा 27 साक्ष्‍य अधिनियम के मेमोरेण्‍डम में बताया कि पुष्‍पेन्‍द्र सिंह बघेल से उसकी मुलाकात हुई एवं बाद में उसे उक्‍त कंपनी में चपरासी की नौकरी और फिर सीधे में कंपनी में चेयरमेन बना दिया गया। आरोपी द्वारा यह भी बताया गया कि साई प्रकाश ह्यूमन रिसोर्स प्रायवेट लिमिटेड कंपनी में फाईले एवं दस्‍तावेज रखे है। अन्‍य आरोपी अभी भी फरार है।

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