चुनाव आयोग ने मप्र में किसान कर्ज माफी की दी सशर्त अनुमति

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जिन किसानों के जय किसान फसल ऋण मुक्ति योजना में प्रकरण स्वीकृत हो चुके हैं, उन किसानों की कर्जमाफी की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है। यह व्यवस्था उन क्षेत्रों के लिए सशर्त लागू होगी, जहां मतदान हो चुका हो। चुनाव आयोग ने कृषि विभाग के प्रस्ताव पर यह अनुमति दी है। साथ ही यह भी साफ कर दिया कि कोई नए प्रकरण स्वीकृत नहीं किए जाएंगे। अनुमति मिलने से चुनाव पूरा होने तक लगभग साढ़े चार लाख किसानों को कर्जमाफी मिल जाएगी।

लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के कारण कर्जमाफी का काम पूरी तरह रुक गया था। जिन किसानों के प्रकरण स्वीकृत हो गए थे और उन्हें इसके एसएमएस भी भेजे जा चुके थे। उनके खातों में भी कर्जमाफी की राशि जमा नहीं हो पा रही थी। इसके मद्देनजर कृषि विभाग ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के माध्यम से चुनाव आयोग से अनुमति मांगी थी।

करीब 40 हजार स्वीकृत प्रकरणों की राशि उपलब्ध होने के बाद भी खातों में जमा नहीं हो पाई थी। इसी तरह लगभग साढ़े चार लाख प्रकरणों का निपटारा अटक गया था। अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अरुण कुमार तोमर ने बताया कि चुनाव आयोग ने सशर्त अनुमति दी है। इसके तहत जहां चुनाव हो जाएंगे, वहां कर्जमाफी की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकता है। सरकार ने लेखानुदान में पांच हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।

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