शिवराज सरकार में हुए 7 करोड़ 10 लाख 39 हजार 711 पौधे रोपण घोटाले को लेकर EOW में शिकायत

141

शिवराज सरकार में हुए 7 करोड़ 10 लाख 39 हजार 711 पौधे रोपण घोटाले को लेकर EOW में शिकायत

मध्य प्रदेश सरकार के वन मंत्री उमंग सिंघार ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता शिवराज सिंह चौहान पर पौधारोपण में करोड़ों के घोटाले का आरोप लगाया है. प्रदेश के वनमंत्री उमंग सिंघार ने आज पत्रकार वार्ता में शिवराज सरकार की बड़ी पोल खोल कर रख दी है। उन्होनें बताया कि अधिकारी मना करते रहे, लेकिन तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान गिनीज बुक में नाम दर्ज कराने एक दिन में 7 करोड़ 10 लाख 39 हजार 711 पौधे लगाने का कथित झूठा रिकॉर्ड बनाते रहे। मजेदार बात यह है कि इतने सारे पौधे 20 रुपए से 200 रुपए के दर पर खरीदना दिखाया गया। इनके लिए गड्ढे करना दिखाया गया और इनके रोपण खाद्य और पानी के नाम पर भी करोड़ों रुपए निकाले गए। सरकारी रिकॉर्ड में 1 लाख 21 हजार 275 स्थानों पर 7.10 करोड़ पौधों की घोषणा की गई जबकि गिनीज बुक वल्र्ड ऑफ रिकॉर्ड को बताया गया कि मात्र 5 हजार 540 स्थानों पर 2 करोड़ 22 लाख 28 हजार 954 पौधे ही लगाए गए। यानि 3 गुना भ्रष्टाचार तो पहले ही साफ दिखाई दे रहा है। वनमंत्री का दावा है कि मात्र 5 से 7 प्रतिशत पौधे ही लगे हैं। वन मंत्री ने शुक्रवार को यह बात प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूर्ववर्ती भाजपा सरकार का ‘कच्चा चिट्ठा’ खोलने का दावा किया. सिंघार ने पूर्व सीएम समेत तत्कालीन वन मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार पर भी घोटाले में शामिल रहने के आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि घोटाले को लेकर EOW यानी आर्थिक अपराध शाखा (Economic Offences Wing) में शिकायत की गई है. इसलिए EOW ही इस घोटाले की जांच करेगी.

ज्यादा दाम में खरीद

वन मंत्री ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के खिलाफ पौधारोपण घोटाले को लेकर EOW में शिकायत की गई है. उन्होंने आरोप लगाया, ‘कीर्तिमान स्थापित करने के नाम पर दूसरे राज्यों से पौधे खरीदे गए, जिसमें अनाप-शनाप भुगतान किया गया. 25 रुपए का पौधा 200 रुपए से ज्यादा दाम में खरीदा गया. यही नहीं, पौधों की खरीद के बाद इस घोटाले को छुपाने की हरसंभव कोशिश की गई. फाइल भी गायब कर दी गईं. इसलिए अब तत्कालीन मुख्यमंत्री, वन मंत्री और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.’

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here